वह एक समुद्र था | Wah Ek Samudra Tha

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Wah Ek Samudra Tha by नंदकिशोर आचार्य - Nandkishor Aacharya

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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हरी, सिहरी-शारव हु पाजी पयरीणी चट्टान पर सूमता है लोता बह एव बीराते था नरगता टूया परती पत्तिया पे साथ खाजी हवाओं में रय री है र्गी धु गे हर मुर सभी यो गाय गर्ता दुभा ट्री, मिर्री न(च । (जून 1980) वह एव समुद्र था/ 17




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