प्राचीन राजस्थानी गीत | Pracheen Rajasthani Geet

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
134
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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अगव मसी,यला मारि खायें ।
मीति मौज चीकम
क्रित) ६ ॥खत स्यामि सुट
कह तास मादूल एमार कित्ती ॥ 9व्रस- जिसको दमयः पुयैज कम चन्द सा
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मदन कर देता दे. लि लस शोर दान चौ ख्याति मो चदुष्ए्
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कमा पंचयण माल करिवै कपाला
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महिपाल, ययंदेव, कर्मचन्द, पंचायण दोर मार्दव के जति हैँ. ।
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