देश भाक्ति की कविताए | Desh Bhakti Ki Kavitayan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2.35 MB
कुल पष्ठ :
310
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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पेख])5%5-जयाबह)अनुक्रमभारत दुदशा
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विवादी बढ़े हू यहा कसे
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दिन फेर पिता
भारते मीत
कमवीर
मात भूमि वदना
भारतभूमि हमारी
जग भारत का जय गान
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हम स्वदेश के प्राण
जम दिया माता सा जिसने
हमारा प्यारा भारतवप
मातृभूमि
गगा माग रही है मस्तक
जमना मांग रही है सपने--1 एस्०एपि0/82भारते दु हरिश्चद्र
बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'प्रतापनारायण मिश्रनाथूराम शकर शमाश्रीधर पाठवअ्रयोध्यार्सिह उपाध्याय 'हरिमौध'
सत्यदेव परिब्राजकमाधव शुक्लगिरिधर शर्मा 'नवरत्न'
गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'
मसन द्विवेदी “गजपुरी'
लॉचनप्रसाद पाण्डेय
मधिलीशरण गुप्तमाखनलाल चतुर्वेदी(दाद]10
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