विविध प्रसंग | Vividha Prasang

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Vividha Prasang by अमृत राय - Amrit Rai

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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४पडती थं । यह्‌ नेक बीवी अपने प्यारे शौहर की मौत के बाद सैतीस बरस तक जिन्दा रही और झपनी लड़कियों की शादियाँ अच्छे खाददानों में कीं । बहुत कम माँएँ ऐसे बच्चे जनती हैं जो भ्रपनें मज़बूत इरादों से उनकी वेइन्तहा तकलीफ़ें हरते है । जब उसकी ज़िन्दगी के दिन पूरे होने को श्रायें तो उसने क्रामवेल से द वास्त की किं मुके मेरे खान्‍्दानी कब्रिस्तान में दफ़॒न कीजो, मगर क्रामवेल को यह कब गवारा हो सकता था कि उसे एक गुमनाम जगह पर दफन करे | चुनांचे बादशाहो की सी झान-बान से उसकी श्रंतिम क्रिया की गयी भर वह वेस्टर्मिस्टर में ही दफत हुई। जब शाही ताकत एक वार फिर नये सिर से लौटी तो दुश्मनों ओर जासूसों से यह भी न देखा गया कि उसको जमीन के एक कोने में खामोश पड़ा रहने दें । वेचारी की हष्डियाँ खुदबाकर बड़ी जिल्लत के साथ एक गड़ढ़े में फेक दी गयीं । ऐसे माँ-बाप का होनहार बच्चा ओलिवर क्रामवेल् था। उसके बचपन के हालात बहुत कम मालूम है । हाँ, उस जमाने की कुछ जनथुतियाँ भ्रलबत्ता प्रसिद्ध हो गयी ह 1 यह्‌ एक श्राम कायदा है कि प्रसिद्ध व्यक्तियों के बारे में कुछ जन- अश्रुतियाँ प्रसिद्ध हो जाया करती हैं । इसका कारण या तो यह है कि बचपन ही' से आगामी महानता के लक्षण दिखायी पड़ने लगते हैं या नासमक जनता उनकी चमत्कारिक उपलब्धियों को देखकर भौचक रह्‌ जाती है भौर उनके वारे मे कुच जनश्रुतियाँ गढ़कर अपनी तसकीन कर लिया करती हैं । हम बड़े लोगों के जीवन- चरितो में चमत्कारिक वातों के देखने के इतने श्रादी हो गये है कि हमारी श्रे शुरू ही से उनकी तलाश करने लगती है । यह्‌ शायद इन्सान को नेचर मेँ शामिल है कि वह्‌ हर एक महान्‌ कार्यं को श्रसाधारण बातो से जोड़ लेता है श्रौर यदह एक हद तक सही भी है क्योकि कोई महान्‌ कायं भ्रसाधारण गुणों के विना नहीं किमा जा सकता । कहते है कि एक बार श्रोलिवर्‌ क्रामवेल को सपने मे यह्‌ पुकार सुतायी पडो कि तू इंग्लिस्तान का सबसे बड़ा श्रादमो होगा। जब उसने अपने बाप से यह क्िस्सा कहा तो उसने उसका खूब कान गरम किया । दूसरी जनश्रुति यों है कि जब शहजादा चार्ल्स अपने शानदार बाप जेम्स के साथ नार्थत्रुक को आया था तो वहाँ उसकी और क्रामबेल की किसी बात पर श्रनबन हो गयी । नौवत हाथापाई तक पहुँची भोर झाखिरकार क्रामवेल मीर रहा। एक श्रौर किवदन्ती यों प्रसिद्ध है कि वह्‌ प्रासपास के भंगूरिस्तानो पर बड़ी श्राजादी से हमले किया करता था और वागवाचों ने उसको लूटपाट से तंग झ्राकर उसे सिवो का शैतान कहकर पुकारना शुरू किया था ।॥ श्रोलिवर क्रॉमवेल ॥




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