पुरुषार्थ सिद्धयुपाय | Purusharth Siddhayupay

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
277
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)है। समुचित सुन्दर सतृश्रुत के इस नये अवतार का समादरपूर्वक
स्वागत करते हुए आज प्रसन्नता का ही अनुभव हो रहा है। समाज
में भी इसका स्वागत ही होगा ।मेरा अहोभाग्य रहा है कि पू० क्षुल्लक जी के निरछल पविन्न
जीवनी को गौर षमंप्रवणं प्रवृत्तियो को निकट से बाहुबली (कूम्मोज)
मे देखने को मिला । आपके नि रपेक्ष वात्सल्य भावो की अविरत वर्षा
होती रही जिसके लिए आपका कृतज्ञ हं । आपका লাইহা নী इस ग्रन्थ
की प्रस्तावना का धा, परन्तु महाव्रत सदृश आदेश्च की पालना शक्ति
ओर बुद्धि से परे थी, इसलिए यह सक्षिप्त 'पुरोवाक्” लिख दिया है ।महावीर ब्रह्मचर्याश्रम, मागिकचन्द्र अयकुमार लबरे
का रजा-४४४१०५१८ अक्तूबर १६०९(कार्तिक बदी ४, वीर सवत् २५१५)(7१)
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