सहकारिता एवं सामुदायिक विकास | Co-operation And Community Development

Co-operation And Community Development by ओमप्रकाश शर्मा - Omprakash Sharma

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१० सहकारिता एवं सामुदायिक विकास कर चलें तौ विकाम्‌ सम्भव है 11 साधारणत सहकारी आन्दोचन अशिक्षित तथा निधंत जनता के लिये है अत सहकारिता के सिद्धान्तो की उन्हे जानकारी देना नितोत्त बाछनीय है } \(११) सहकारो समितियो में सहकारिता (0००फ९०॥०७ कशाणाड़ 000फश॥/7०५) १ अन्तर्राष्ट्रीय सहकारी सघ के १९६६ के कमीशन ने इस सिद्धान्त का সভিঘহেন किया ।? इस सिद्धान्त के अनुसार सभो सहकारी समितिया (स्थानीय, राज्यस्तरोय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर) को एक दूसरे को सहयोग देना चाहिये। यह सिद्धान्त सगठनात्मक समस्या से सम्बन्धित हैं। उदाहरण के लिये सभी राज्य सहकारी बैंक एक राष्ट्रीय सहकारी बैंक की स्थापना कर सकते है। इसो प्रकार अनेक देशो की राष्ट्रीय सहकारी बैंक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर को सहकारी बैक स्थापित कर सकते है । थ्त आपसी सहयोग से सहकारिता का क्षेत्र अधिक व्यापक हो जाता है । आपसी सहयोग कई प्रकार से हो सकता है जंसे सहकारी समितियों मे आपस में विनियोजत, व्यवसाय, सहकादी शिक्षा तथा सयुक्त सहकारी इकाइयों को स्थापना आदि । हावडं ए० कोडेन (प्रप्रा ^, (०७००॥) ने कहा है कि विभिन्‍न देशो के सहकारिता आन्दोलनों मे इस सिद्धान्त का अभाव पाया जाता है । (१२) प्ुजी की भप्रेक्षा सातव को अधिक महत्व (070110106 10 106 प्राशाका 5108 1200৩ 002) 08181) सहकारिता में पूँजो की उपेक्षा मानव को अधिक महत्व दिया जाता है । अन्य पूंनोवादी सगठ्नो मे (जसे सयुक्ते स्कन्ध प्रमण्डल) मे पूंजी के आवार पर मत देने का अधिकार होता है किन्तु सहकारिता में पूंजी को महत्व व देकर मानव! को अधिक महत्वपूण माना जाता है । “एक व्यक्ति एक मत' के सिद्धान्त के आधार पर यह कहां जा सकता है कि सहकारिता संगठन में पूंजी की असयेक्षा व्यक्ति' का अधिक महत्व है । सहकारिता की उत्पत्ति (छल ० (०0८ १८०य) आपसी सहयोग कोई नयी विचारधारा नही है। प्राचीन काल से हो व्यापार मे पारस्परिक सहयोग से कार्य चलता आ रहा है। प्राचीन कान मे ग्रामीण जीवद इसी विचारधारा प्र आधारित था। सुख्यत कृषि क्षत्र मे इसका बहु महत्व था 1 किन्तु आधुनिक अर्थ में सहकारिता की उत्पत्ति अधिक प्राचीन नहीं है। अठारहवी शताब्दी के मध्य इगल॑ण्ड मे औद्योगिक ऋ्रान्ति का प्रारम्भ हुआ इस कान्ति से वहाँ की जनता के सामाजिक तथा आधिक जीवन मे महत्वपूण परिवतंन हुए । फलत वहाँ पूंजीपति तथा श्रमिक बे दो वर्गों का जन्म हुआ | औद्योगिक क्रान्ति से निर्धंत वगे को अधिक बुरी तरह प्रभावित হিশিছ ৪ আত আদিল নী জননাদ্ক বছবনা (জি ৫4৯1৩ 3৩522) ক রাত এ:020295. 0090625675৩ তত 02022 19595 92४2 212. 2. হত 09599001956 (109) জব ইত 200010]620901291212 ০8 काछी) ए হএট০2] ০০০০৩78৮500, 8000৩ ০০085121155 ** এ




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