प्रताप चरितामृत | Pratap Charitamrit
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
161
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)8 त करा पा
कु कु कक ~+ ~` ` ; प्रथम् परिच्छेदमेवाड़ का संक्षिप्त परिचय और पू्वद्तान्तजय जय जय. वित्तौर হ্তশী, . है
... जय गढ़ सिर रत्न जगत विण्याता
जिसने धर्म प्रेम के फारण ., ,सदे णतु के आधाता - ,.
जिसके पत्थर फंकड तक परलिया हिन्दुओं फा इतिहांस ।
जिसको देख हमें हो सकताझपनी दढ़ता का आभास ॥५ ` ` धीवरधाठक महाशय ! हम बड़े असमझसमें पड़े इये हैं कि आप
की मेयाड़ और उसकी राजधानी चित्तौड़ का फ्या परिचय दें
भला कभी फोई अछूली फे इशांरे से भुवन भास्कर का परिचय
दे सकता है ? हमारी भी इस समय ऐसी थी दशा रोरी दै
कवि लोग अपनी ऋरपना शक्ति फेसंहरे छोटी छोटी धंदनाओं
की बड़ी बड़ी महिमा वर्णन करने हैं | छोटी घटनाओं “ीि
यहां चढ़ा फर वर्णन करने में पाठकों के आशएचये' में डाल
देते हैं पर हम न तो कवि हैं. न हम में कल्एनाशक्ति है न
इंमारे मेवाड़ को पेतिहासिक घटनाए' ऐसी छोटी हैं जिनका
चढ़ा यढ़ा कर वर्णन किया ज्ञाय । मं मेवाड़ की घटनाएं किसी
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