हमीरपुर जनपद के हिन्दी काव्य को देन | Hamirpur Janpad Ke Hindi Kavya Ko Den

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Book Image : हमीरपुर जनपद के हिन्दी काव्य को देन  - Hamirpur Janpad Ke Hindi Kavya Ko Den
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about श्री सत्यनारायण -Shri Satyanarayan

Add Infomation AboutShri Satyanarayan

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
1915] शीलें व तालाब :[ति ष षि ष ष ष वि पाक. भावी. भा... धमाका আজ আগতकिन्तु त&सील कुलपह्ाड़ और महोबा और 5छ दूसरे स्थानों जैसे चरखारी में पहाड़ियों व नीची चटुटानों की स्थिति इस प्रकार की हे पि कृत्रिम झीलें व तालाब निर्मित हयौ सकते हैं जिसके लिये हमीरपुर जनपद प्रसिष्ठु है उनकी संस्थ्या 41 है जिनमें बीस बड़े तालाब व इक्कीस छोटे हैं। बड़े तालाब हैं बीजानगर, थन्ना, किरारी, -कीरत सागर, मदर सागर, बेला ताल, द्षरापुर, नयागांव, टीगमऊ, कल्याण सागर, रष्िलिया, परा, तेली पहाड़ी, ढिकहरा, पवा, बिलखी, उरवारा, कबरद, पसनहाबाद व सिजहरी। छोटे तालाव - पठारी कदीम, छतरवारा, नरेरी, अनरवारा, रावतपुर खुर्द, सेला मोकी, सारंगपुरा, बौरा, भ॑डरा, दमोरा, मीरतला, श्रीनगर, कुलपहाड [2] दिदवारा, गौरहरी [2], मनकी, नरवारा, मञ्जगवां व पिपरा म स्थित है।प्रमुख रूप से जिन तालाबों को प्रसिद्धि प्राप्त हैं उनमें महोबा के समीप बीजानगर ताल तथा मदन सागर, कीरत सागर व जैतपुर का बेलाताल हैं जो पूरे भराव के समय आठ व नौ मील परिधि मेंहोते हैं। ये तालाब 9वीं व 12वीं शताब्दी के मध्य चन्देल शासकों द्वारा निर्मित बताये जाते हैं।जनपद में कुल बंजर भूमि 230668 एकड या 15.7 प्रतिशत थी इसमें 5077॥ एकड़पानी से ढका क्षेत्र तथा 34576 एकड़ सडकों , भवनों आदि से घिरा क्षेत्र भी सम्मिलित था शेष 14532। एकड़ क्षेत्र बंजर या पहाडियों से ढका क्षेत्र या नदियों के किनारे का ऊसर क्षेत्र था। परती भूमि का परगनामौदहा म 8.59 क्षेत्र, मौदहा मे 10.89 व सुमेरपुर मे ।।.6 कुलपहाड म 15.3ॐ राठ में 17.9% वजलालपुर भ 28.7% क्षेत्र था। जबकि हमीरपुर व जलालपुर को मिलाकर कुल 279 क्षत्र परती भूमिके रूप `|. हमीरपुर गजेटियर 1909 भाग-22 प्रष्ठ -13~ ..লালে॥ 11 0 ॥ | + রা | ( 1 ४ | | ॥ | টু 1 ५ |स~ य




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now