कुन्दकुन्दाचार्य की प्रमुख कृतियों में दार्शनिक दृष्टि | Kundkundachary Ki Pramukh Kritiyon Men Darshanik Dristi

[adinserter block="2"]
Read More About Dayanand Bhargav
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9 MB
कुल पष्ठ :
249
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
नाम→दयानन्द भार्गव
जन्म→२२ फरवरी, १९३७
शिक्षा→बी.ए. ऑनर्स (अंग्रेजी) , एम. ए. (संस्कृत ) , पी.एच.डी
पद →
⇒अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, रामजस कॉलेज, दिल्ली
⇒रीडर, संस्कृत विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
⇒प्राचार्य, केन्द्रिय संस्कृत विद्यापीठ, जम्मू तथा इलाहाबाद
⇒आचार्य एवम् अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर
⇒आचार्य एवम् अध्यक्ष, जैनविद्या एवं तुलनात्मक धर्मदर्शन विभाग, जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय, लाडनूँ
⇒प्रोफेसर एमेरेटिस , जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय, लाडनूँ
⇒विजिटिंग प्रोफेसर, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली
⇒सम्प्रति अध्यक्ष, वेदवाचस्पति पंड़ित मधुसूदन ओझा
User Reviews
No Reviews | Add Yours...