पांच गधे | Panch Gadhe

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Panch Gadhe by रांगेय राघव - Rangeya Raghav

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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बिल और दाना १३ इसी समय बुड्ढा सितारा हिंल उठा श्रौर ग्राकाश में फिसलकर शिर पड़ा । झ्ाकाश में श्राग-सी लगी श्रौर फिर सब शान्त हो गया । श्ौर कुत्ते ने एक दूसरे की श्रोर देखा श्रौर कहा सितारा भूठ कहता था 1 ग्रादमी ठीक कहता है । श्रौर दोनों फिर उसीकी सेवा में लग गए। तब दूसरी चींटी से पहली चींटी से कहा सत्य समभो । पहुली चींटी ने मुस्कराकर कहा सपभ गई । जो तूने उस दित्त कहा था बही भ्रस्तिम सत्य है--बिल झौर दाना । उसके बाद कोई कुछ नहीं बोला ।




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