भारत और बांगला देश | Bharat Aur Bangla Desh
श्रेणी : राजनीति / Politics

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
342 MB
कुल पष्ठ :
584
श्रेणी :
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लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
प्रयाग नारायण त्रिपाठी - Prayag Narayan Tripathi
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राजेन्द्र कुमार - Rajendra Kumar
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)ने दक्षिण ऐजिया के भौगोलिक, राजनीतिक एवं तामरिक स्वक्ष्य को ही बदल दिया।
दक्षिण एंशिया की परिष्थितियोँ बदल गयी और इस द्वेन्न की राजनीति ने एक
नया मोड़ ले लिया। হই টি এ ক ই সিনাअब भारत और नवौदित बॉगलादेश दोनी ही ঘভীলী ইব্যাঁ की अपनी
एतिहासिक , भौगोलिक, तामरक, आर्थिक, राजनी तिक तथा साँस्कृत्तिक आवश्यकताओं
एवं आकाक्षाओं की पूर्ति के लिए, परस्पर मैत्री सम्बन्धों को बनाये रखना राष्ट्रीयएवं अन्तरष््रीय हितौ की दष्ट, ते अपरहार्यहे। भारत विभाजन के पूर्व दीनंही देशों का एक ही गौरवशाली इतिहात रहा है। बरगला द देश भारत के बंगाल
ओर असम राज्यँ काही एक भाग है। अतः दोनों देशों की एतिहागतिकपरम्पराएं , सी तिशिवाज, राजनीतिक एवं धार्मिक मान्यताएं आदि काल ते
एक ती रही है। अतः इत तिहा सिक धरीहटर की सुरक्षा की पर्ति के लिर दीन
देशौ के बीच मघ्ठर सम्बन्ध हीना रष्द्रीयदितमहे।भारत-बाँगलादेश भ्र प्ण सम्बन्ध एतिहासिक अवश्यकता के साथ हीच ४ ष १
४भौगोलिक , सामरिक आवश्यकता औं की उपज है। बॉगलादेश भारत को पूर्वात्तर
' दो भागों में बॉटता है। बॉगला देश के पश्चिम मे परियम बंगाल तभो बिहार
है तथा पूरवा्ल मँ असम , त्रिपुरा, नागालैन्ड, मणिपुर तथा मेघालय भारतीय है
संघ के राज्य हैं। वहीं पर बॉगला' देता की तीन और ते सीमां भारतीय संघ
के राज्यों से घिरी हुई हैं। अब जित प्रकार बॉगला देश की भौगोलिक শনি
टाका कौ भारत के साथ मैन्नीपूर्ण सम्बन्ध बनाए रखने के लिए विवश करती है,उसी प्रकार भारत वर्ष भी अपने पूर्वा्चिल के तीमावर्ती राज्याँ में एक स्थायी
शान्ति हेतु बगला देश के साथ मधुर मैत्रीपर्ण सम्बन्ध बनाए জী ৯ लिए बाध्य४म|
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