भजनमाला | Bhajanmala

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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जिन्हीं पद पद्म पाण्डव दल मेंजा कर काज सब सारे। उन्दी चरणो को शिव-आनन्दनित रहता है सवलाई ॥४॥ ये हरि `| ५ | चमे जा राम कला पनस # भजन # हमें क्यों नाथ तुम भूले हो सुधि लो श्याम बनवारी।निभा लो बांह गहने की तुम्हीं को लाज है सारी॥१॥ हमें **भरोसा ओर का मुझको नहीं बस यक्त तुम्हारा है।पड़ा हूँ द्वार पर উই मेरी भी आयेगी वारी ॥२] ह्मे दतुम्हीं दाता हो सब जग के तुम्दीं पालन करो जग का।(७)




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