औबर्ज की रात | Auburge Ki Raat
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
490 KB
कुल पष्ठ :
97
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१५जचती हो खूब
सजती हो खूब
दुलहिन सी
तेरे सुनहले वाल
ये सोने के बाल
तर रह है
झूम रहे है
भूल रहे है
तेरे कथा पर
यह भूमता यौवन
यह पुकारता यौवनयह् लतकारता यौवन
जगा देता है
জীন की हसरत
देखते हो, यह निनोलाइट 1
यह सारा नमा, रगीनं छत,
নই উঃ লাম, তুল ম
भ्रीज म,
सबके पास बात एक,
थीम एक
तरीका एक
मक्सद एक 1”
हा, मैं दुलहिन
हर याम की दुलहिन
शाम के साथ सुहाग आता
सुवह् वे माय दुहाग गाता
झाम के साथ प्यार जाता
शाम के साथ यार जाता
शाम के साथ,
प्यार म ज्वार जाता
युबह के साथ उतार आता
शाम है, जाम है
शाम है चराब है
হাস ই শনান ইओऔवज की रात
User Reviews
No Reviews | Add Yours...