श्री सरस सागर भाग 1 | Shri saras Sagar Bhag 1

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Book Image : श्री सरस सागर भाग 1  - Shri saras Sagar Bhag 1
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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টি ॥ गुरु महिमा॥ নত प्रथम पंक्ति अ्मरभय सतगुरु के उपदेश॥ भ्रीः ॥२ श्ररज सुना श्री सतगुर दयातछ «<» ^শা१० ११ १२प्रारती श्वी गुर की करिये थ्रारती भ्री गुरुदेव तुम्हारी, उठ प्रभात श्री सतगुद सुमिरो मन मेरक्या तारीफ करें सतगुरु की * , करर मने श्रारनी सतगुम क्रीकहा कई गुरु कृपा की वातगये भुरुदेव परम निञ्ञ धामगगरे মাহি ভাত प्रकेत धामহাটু गुेया वैया गह जी मोरी श्राय े गुरुदेव दयाल दया करियेगुरून की मूरति मेगल करलीगुरुन शी सुन्दर सुरत प्यारीचरन कमल गुरुदेव नमामीजगत में है गुरु हरि अवतारजव शुर कपा टट कर हेर ^“ जय गुरुदेव दयानिधि देवाजय जय जय गुरुदेव हमारेजय जय श्री सतरुख महाराजখাপ # ১ १७).प्र न्यर्‌९४४५० ५४५ २५ २} ४२ ५२ २२.६9 কডে ৪৩१० তর३७ धद




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