भारत की प्रसिद्ध लड़ाईयां | Famous Battles Of India
श्रेणी : भारत / India
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
23.12 MB
कुल पष्ठ :
476
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भेलम का भीषण संग्राम श्दे
ने अपनी सेना के साथ मुकाम किया । यहाँ पर कुछ समय तक विश्राम
करके सिकन्द्र ने अपनी सेना का विभाजन किया और सेना का एक भाग
देकर अपने दो सेनापतियों को उसने भारत की आर रवाना किया श्रौर
बाकी सेना के साथ सिकन्दर पीछे-पीछे चला । रास्ते में मिलने वाले
नगरों, राज्यों श्रौर पहाड़ी सरदारों के किले की सेनाओं ने सिकन्दर के
प्रभुव्व को स्वीकार किया श्र जिसने इससे इनकार किया, यूनानी सेना
ने उसका विनाश किया | इस प्रकार भारत की श्रोर आगे बढ़ते हुए;
यूनानी सेना ने अनेक लम्बे-लम्बे पहाड़ी रास्तों, घाटियों श्औौर नदियों को
पार किया ।
मार्ग में त्रारनोस के करीब सिकन्दर मे श्रपना एक डिपो कायम किया
तर उसका अधिकार उसने अपने एक सेनापति को दे दिया । फिर वहाँ
से चलकर यूनानी सेना श्रोहिन्द नामक स्थान पर पहुँच गयी । इधर
बहुत दिनों से लगातार यात्रा करने के कारण यूनानी सेना बहुत थक गयीं
थी । इसलिए उसको विश्राम की जरूरत थी । यह समभ कर सिकन्दर
ने उस स्थान पर तीस दिनों तेक ्रपनी सेना को रुकने श्रौर विश्राम करने
की श्राज्ञा दी । इससे यूनानी सेना बहुत प्रसन्न हुई श्र उसने पूरी
स्वतन्त्रता के साथ खेल-कूद एवम, तआमोद-प्रमोद में तीस दिन व्यतीत
किये ।
भारत में यूनानी सेना का प्रवेश
सिन्ध नदी के कुछ फासिलें पर तक्षशिला का राज्य था । राजा श्राम्भी,
ने कुछ ही दिन पहले इस राज्य के सिंहासन को प्रास किया था | जिन
दिनों में यूनान की सेना श्रोहिन्द में विश्राम कर रही थी, राजा श्राम्भी के
एक प्रतिनिधि ने यूनान-सम्राट सिकन्दर से मुलाकात की श्र तक्नशिला
की ओर से थूनानी सेना के स्वागत की सम्पूण तैयारियों का उसने जिक्र
किया | इसके पहले, तच्तशिला का स्वर्गीय राजा; जो श्राम्भी का पिता था,
_सिकन्दर के. सेनापतियों से मिलकर श्रात्म-समर्पण करना स्वीकार कर
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