ओझा निबंध-संग्रह भाग - 1 | Ojha Nibandh Sangrah Bhag - 1

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutMahamahopadhyaya Rai Bahadur Pandit Gaurishankar Hirachand Ojha
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
26 MB
कुल पष्ठ :
292
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about महामहोपाध्याय राय बहादुर पंडित गौरीशंकर हीराचन्द्र ओझा - Mahamahopadhyaya Rai Bahadur Pandit Gaurishankar Hirachand Ojha
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( ५)(१६) कलिंग -
॥इलोक।। जगन्नाथात्पू्ष भागे कृष्णा तीरान्तगं शिवे ।
कलिग देशः संप्रोक्तो वाममा्गं परायणः ।१॥
अर्थ--जगन्नाथ से पूर्व दिशा में कृष्ण नदी के तीर तक को कलिग
देश कहते हे ।
यहां जगन्नाथ से पूर्व भाग मं होना सभव नही, क्योकि वहां पर
समुद्र हु । इसके लिये जॉन उानसन अपनी किताब {हद् माइथोलांजी' मं
कारोमण्डल कोस्ट के समीप का प्रात लिखते है, जो उडीसा के दक्षिण
का गोदावरों नदी तक का देश हो सकता है, जिसको उत्तरी सरकार भी
कहते हे। इस देश को कॉलिंग देदा के क्षत्रियों के निवास से कलिग देद्ा
कहते थे ।
(१७) कश्मीर -
अब भी इसी नाम से प्रसिद्ध हं, जिसको काइमीर कहते हे ।
(१८) कामरूप -
इस देश को इस समय कांगरू देश कहते हे, जिसकी राजधानी प्राग्-
ज्योतिष थी । अब यह देश आसाम में गिना जाता हें ।
(१९) कालवन-
(२०) कुन्तलछ-
॥लोक।। कासगिरि समार+य द्वारकान्त महश्वरि ।
श्री कुन्तलाभिधो देशे वर्णित शक्ति संगम ॥1१1॥
अर्थे---कामगिरि से लेकर द्वारिका तक, हे पावंती | कुन्तल नामका देहा
शक्ति संगम तन्त्र में कहा हे ॥१॥।
अग्नेजी पुस्तको में महाराष्ट्र को दक्षिणी हिस्सा लिखा है, जिसकी
राजधानी प्रतिष्ठानपुरी (पंठण) थी । पीठे से कल्याणी (कल्याण) मं
राज्य करने वाले चौलुक्य अपने को कुन्तल देश के राजा मानते थे ।*सम्पादकीय टिप्पणवतलाया गया है, कितनी आय वाला 'राजा कहलाता था और कितनी आय
वाला सामन्त' आदि | वबरदा तनन्त्र की रचना के समय सम्भव हें,
राज्यों की गणना इस प्रकार से करते हा, परन्त् अधिकाशत* इसके अनुसार
राज्यों की गणना रहना प्रतीत नहीं होता हैं ।* वर्तमान निजाम हेदराबाद राज्य का कुछ हिस्सा 'कुन्तल देश” का एक
भाग हो सकता हैं । एवं बम्बई का स्गरा इलाका कल्याण कहलाता था।

User Reviews
No Reviews | Add Yours...