मूलाचार | Mulachar
श्रेणी : धार्मिक / Religious, पौराणिक / Mythological

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
29 MB
कुल पष्ठ :
474
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१३विषय पृ. सं. | विषय पृ. सं.
शीलगुणोंके संख्या ग्रस्तार अ- ._ | वेदका वर्णन .... ,... ३९६क्षसक्रमण नष्ट उद्दिष्ट ऐसे लेश्याका वर्णन .... ३९८पंचविकल्य वणन .... ३६६ | प्रतिचार सूत्रम पांचो इदि
शीटगुणका फटवणेन -... ३६९ | यके प्रतीचारका वणन ३९९पर्याधिनामाधिकार 1१२(२०२) | तौ টা ( व४ ७ খা বাमंगठाचरण, वीससूत्रपदोंका ति आगतिका) व ৪০৪
| स्थानाधिकारसुत्रका वर्णन उसमेंवर्णेन .... ,... ३६९ | का
पीति कलि +> ७४ । जीवसमास वर्णन .... 8१४
| गुणस्थानोका वणन „= ४१७देहसूत्रका वणन उसमें देव- की
ह मार्मणासानोका वर्णन „... ४१७देहका वर्णन व न
९७. | ओते कुलोंका वणन .... ४२१नरकदेहका वणन .... ইওই र নী
र चारो गतिके जीवोका अद्य
देव तथा मनुष्यतियचोंके रि क .... ४२१की प ण ७५ । , =
शरीरकी उंचाई वर्णन ३७५ | बंधद्वेतुका वर्णन चार प्रका-दवीपसमुद्रोका वणन .... २७९ रकेद्देतू .... .... ४२४
मच्छादिक जीवोंकी चल ्रकृतिबेधका विशेष वणन ४२५
उक्कृष्ट अवगाहनाका वणन ३८१ | चितिबधका वणन .... 8३०
कायसंसानका वणन. .... ३८३ | अनुभागबंधका वर्णन... ४३०
इंद्रियसंस्थान तथा इंद्रियोंके परदेशनेधका वर्णन «»««« ४३१
विषयोंका वणन .... ३८४ आठों कर्म क्षय करके अष्ट
योनिखरूपका वणेन „... ३८७ | गुणविराजमान परमात्मा
चारों गतिके जीवोंकी आयुका भगवान मोक्षपदको प्राप्त
वर्णन „~ „^ ३८९ | होते हैं उसका वर्णनसंख्याप्रमाणका वर्णन „. ३९५ | रूप अंतमंगलाचरणकर
` योगका वर्णन „ ३९६ | भरंय समाप्त .. ४३१শা জীপ শসা পপ এ আস #.
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