मूलाचार | Mulachar

Book Image : मूलाचार  - Mulachar
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about पं. मनोहरलाल - Pt. Manoharlal

Add Infomation About. Pt. Manoharlal

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
१३विषय पृ. सं. | विषय पृ. सं. शीलगुणोंके संख्या ग्रस्तार अ- ._ | वेदका वर्णन .... ,... ३९६क्षसक्रमण नष्ट उद्दिष्ट ऐसे लेश्याका वर्णन .... ३९८पंचविकल्य वणन .... ३६६ | प्रतिचार सूत्रम पांचो इदि शीटगुणका फटवणेन -... ३६९ | यके प्रतीचारका वणन ३९९पर्याधिनामाधिकार 1१२(२०२) | तौ টা ( व४ ७ খা বাमंगठाचरण, वीससूत्रपदोंका ति आगतिका) व ৪০৪ | स्थानाधिकारसुत्रका वर्णन उसमेंवर्णेन .... ,... ३६९ | का पीति कलि +> ७४ । जीवसमास वर्णन .... 8१४ | गुणस्थानोका वणन „= ४१७देहसूत्रका वणन उसमें देव- की ह मार्मणासानोका वर्णन „... ४१७देहका वर्णन व न ९७. | ओते कुलोंका वणन .... ४२१नरकदेहका वणन .... ইওই र নী र चारो गतिके जीवोका अद्य देव तथा मनुष्यतियचोंके रि क .... ४२१की प ण ७५ । , = शरीरकी उंचाई वर्णन ३७५ | बंधद्वेतुका वर्णन चार प्रका-दवीपसमुद्रोका वणन .... २७९ रकेद्देतू .... .... ४२४ मच्छादिक जीवोंकी चल ्रकृतिबेधका विशेष वणन ४२५ उक्कृष्ट अवगाहनाका वणन ३८१ | चितिबधका वणन .... 8३० कायसंसानका वणन. .... ३८३ | अनुभागबंधका वर्णन... ४३० इंद्रियसंस्थान तथा इंद्रियोंके परदेशनेधका वर्णन «»««« ४३१ विषयोंका वणन .... ३८४ आठों कर्म क्षय करके अष्ट योनिखरूपका वणेन „... ३८७ | गुणविराजमान परमात्मा चारों गतिके जीवोंकी आयुका भगवान मोक्षपदको प्राप्त वर्णन „~ „^ ३८९ | होते हैं उसका वर्णनसंख्याप्रमाणका वर्णन „. ३९५ | रूप अंतमंगलाचरणकर ` योगका वर्णन „ ३९६ | भरंय समाप्त .. ४३१শা জীপ শসা পপ এ আস #.




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now