जैन आगम साहित्य में भारतीय समाज | Jain Agam Sahitya Main Bhartiya Samaj
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
15 MB
कुल पष्ठ :
670
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषय-सूचीप्रास्ताचिक ५-१२
এ, ৩ সি
प्रथम खण्ड ; जेनधम का इतिहास
पहला अध्याय : जैनसंघ का इतिद्दास 1 श्-र५आदि तीर्थंकर । बाईसवें तीथंकर-नेमिनाथ । पाइ्यंनाथ-एक ऐतिहा-
सिक् व्यक्ति । वर्धभान महावीर । महावीर और मंखलिपुत्र गोशाकू ।
महावीर के गणधर । सात निहुव। दिगम्बर भौर श्वेताम्बर
मतभेद । दिगम्बर भौर श्वेताम्बर उतत्ति। जैन आचायों की
परम्परा । राजधरानों मे महावीर का प्रभाव! महावीर का
नि््रन्य धमं 1
दूसरा अध्याय + जैन आयम और उनकी टीकाएं । २६-३७
आगम-सिद्धान्त । आगमों को वाचनाएं । आगमों का महत्व । आगमों
की भाषा । परिवर्तन और संझोधन- आगमों की प्रामाणिकत्ता ।
आगमों की टीकाएं ।
द्वितीय खण्ड : शासन व्यवस्थापटला अध्याय : केंद्रीय शासन-ब्यवस्था | ४१-६३
राजा मौर राजपद 1 युवराज ओर उखका उत्तराधिकार। राजा
ओर राजपु के सम्बन्ध । उत्तराधिकार का प्रश्न 1 राज्याभिपेक-
समारोह । राजमवन : राजप्रा्ाद । रजा का भन्तसुर । अन्त्रः
के रक्षक | सौतिया डाह। राजा के प्रधान पुरुष 1. दूसरा अध्याय ५ न््याय-व्यचस्था । ঘি
स्थायाधीश । मुकदमेतीसरा अध्याय + अपराध और दण्ड । ७०-०१
चौरकर्म। चोरों के प्रकार। सेंध छगाना । चोरों के गांव । चोरोंके आस््यान । दण्डद-विधान ॥ राजा का एकछत्र राज्य। जेलखाने ।
राजगृह का कारागार।
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