दूर्वा-दल | Durva-dal

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
119
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)दूर्वा-दुलसभी साथी मुदित हैं देख, तेरे,तुकी को हाय ! है दुर्दे व घेरे ।नहीं तेरा श्रमी सुवसन्त आया;प्रथम ही हाय ! उसका अन्त आया !
श्रभी से खग गया श्रातप ॒दुखाने;
कलेवर हाय ! तेरा यह सुखाने !यदपि मध्यान्ह जीवन का निकट है,
तद्पि तेरे छिए सन्ध्या प्रकट है !हुआ क्यों हाय ! यह चिर दुःख-भोगी,
द्यामय | कया दया इस पर न होगी ?ॐ
वशाख १९७२१२
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