भारत में दृश्य श्रव्य शिक्षा | Bharat Mein Drashya Shravya Shiksha

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutSujit K Chakravarti
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
110 MB
कुल पष्ठ :
307
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about सुजीत के चक्रवर्ती - Sujit K Chakravarti
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)तीसरी पंचवर्षीय योजना में इस प्रकार फे प्रशिक्षण की व्यवस्था व्यापक पैमाने पर की ग है। हृद्य-श्रव्य
शिक्षा के राष्ट्रीय संस्थान द्वारा शिक्षा के विभिन्न स्तरों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की भी
व्यवस्था की जाएगी ।तृतीय पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत बनाई गई उत्पादन योजनाओं में एसी स्लाइड,
स्लाइडपुस्तिकाओं,; फपिल्मपद्धियों तथा १६ मि० मी° की फिल्मों का निर्माण शामिल किया गया है
जो कक्षाओं में प्रयोग के लिए उपयुक्त हो ।रोध गौर मूल्यांकन योजनायो' के अन्तगंत पहले से प्रयोग में आनेवाले दृश्य-श्रव्य साधनो'
और सामग्री का व्यवस्थित मूल्यांकन किया जाएगा ।विस्तार योजैनायें केन्द्रीय फिल्म पुस्तकालय को और अधिक विस्तृत बनाने तथा दृद्य-श्रव्य
दिक्षा के सभी पहलुओं पर उपयोगी साहित्य का व्यापक प्रकारान करने से सम्बन्धित हैं ।दृश्य-श्रव्य शिक्षा की राष्ट्रीय परिषद् की और चार बेठकं ।भपरिषद् की तीसरी वेक जनवरी १९५९ मे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के
संयुक्त सचिव श्री आर पि० नायक, आई. सि. एस. की अध्यक्षता में नई दिष्टी में हुई ।
दवितीय पंचवर्षीय योजना मँ शामिरु एतदूसम्बन्धी योजनाओं के, कार्यान्वयन के विषय में राज्य1111 1_ हृश्य-श्रव्य शिक्षा की राष्ट्रीय परिषद् की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री आर० पी० नायक [ मध्यमें ]
दी (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से )व,
User Reviews
No Reviews | Add Yours...