एशिया में प्रभात | Asia Mein Prabhat

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Add Infomation AboutKalyan Singh Shekhawat
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
90
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)एशिया में प्रभाव
“रेट डर
पहला प्रकरण
एशिया की एकता( तानीयनसमानता-संघ के अधिवेशन में २९ माच, १९१९ कोकः निकटोकियों मे दिया हुआ भापण )श्माज भापच जो विना जातीय पक्षपात के इस सभा में मेंस
स्वागत किया हैं, उसके लिये में छापकों धन्यवाद देता हूँ 1 इस
सम्मेलन मे सेरी तथा श्रन्य वादरी मित्रो की उपस्थिति इस यान
की सूचना देती है कि यहाँ पर निरी जाति-दितैपिता की चयन्ता
कुछ श्मधिक गंभीर भाव मौजूद हैं । इतना दी नहीं, वल्कि जो
भाव चिदमान है, वे एशिया-हितैपिता की अपेक्षा भी दबतर हैं ।
हो पर जातीयता श्रौर् राष्ट्रीयता के उपर मानव-एकना भर
समान मानव-लाभ का भाव श्रतन्याप्त है, जो मतुप्यना के
नवीन और उच्चतर सिद्धांत पर अवलंबित है । मानव-श्राकाश
में इसी भाव का दद्य हो रहा है। यह प्रभात भी ध्न्य प्रभातं
की नारे पूव दिशा में ही हो रहा है। एशिया के समन्न मैं इसी
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