विश्व की कहानी | Vishva Ki Kahani

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विश्व की कहानी ंकिलेटिन नाम... उच्चारण घष्टी रुप... हिंदी बाम .......... टिप्पणी... कीका कर उरसा में 'जर िधिठिएंड सप्तषि # ........ उसा भालू ; मंजरनबड़ा मम मर का रन हट न ........ सुमेर लोग इसे मररगिड्डा (रथ ) कहते थे । भारतीय . कहते हैं ।डर सा माइ'नर ...... (886 पाठ 5 . लघु सप्तर्षि उरसा भालू ; माइनर -के ः ः छोटा । सुमेर लोग इसे छोट। नरथ मानते थे।. ंगम 2 हि . बी'ा............ ........ नौवस्त् लनौकाकापाल .... बरोंगो. कन्या के० .. वो बिन... .... इक, व खडमेवाशी 1. पूरा मामरन मकर जी ं कि एरिया ४ ०1805 ५ उड़नेबाली मछली ।दि कि ं वल-पेक'यु-ला था रह ल्‍ रे खोमश .... रू लोमड़ी।हर ५ पे बा जी सकाहै कर 0४हिकक वहाँ दोनों इसी पुस्तक से लिये गए हैं । स्थानामाव के. कारण पष्टी रूपों के उच्चारण यहाँ नहीं दिए गए हैं । जिन्हें हरव पर पर झावश्यकता हो वे उपरोक्त पुस्तक में देखें । यश 1 जिन नामों के श्रागे ऐसा चिह्न है; वे श्री महावीरप्रसाद श्रीवास्तव की पुस्तक ( सूर्यसिद्धांत-विज्ञानमाष्य ) व से लिये गए हैं। न के न*# जिन नामों के श्ागे ऐसा चिह्न है; वे श्रत्यंत प्राचीन काल से चले श्रा रहे हैं ।प्रॉक्टर _ के : श्नुसार ये नास प्राचीन हैं ।. अपने 5187 1.6550718 में वह लिखता है कि विल्फ़ोड का कथन है कि “[7 घर पा ध एटाए उधा ते ठप्रसंठपा 9६ 10 5 साधा 0 एव मत ४ 1 दि ध8६60. कप ०1008 व 105 कार फहा पाए, एव तब कब वच फवधि पट




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