ज़िन्दगी यूँ गुजार दी | Zindagi Yun Guzar Di

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Book Image : ज़िन्दगी यूँ गुजार दी  - Zindagi Yun Guzar Di
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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शुक्रिया भापका हजरात किये. जाता हू आपके प्यार की. सौगात लिए जाता हूँमैं अकेला हूँ सफर जाते है कितना बानी पर गिरे जाते है परवाज किये. जाता हूँवक्‍ते रुख़सत है के आंखो मे दपा लो म मुस्कुरा दो के मैं फरियाद किये जाता हूँआओ सीने से लिपट जामो गले लग जाओचदम निकल जयि ना, आवाज दिये जाता हूँहूँ मुखातिव मे तुम्ही से ए हसी दोस्त मेरे मिलते रहना के मैं दरूवास्त किये जाता हूँकोई शिक्वा ना दिकायत है किसी से भी अज़ीज़ मैं जमाने की वफा साथ लिये जाता हूँजिदगी यू गुजर दी / 5




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