नयी कला | Nayee Kala

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
461 MB
कुल पष्ठ :
190
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)नई कला १५
देना किसी व्यवसायी के लिए. कोई सुखद त्रात नहीं है।
में किसी दूसरी दूकान पर नहीं गया । क्या करने जाता
मेरी जेत्र में मेरे नोट की जगह मेरे साथी के हाथ का लिखा हुमा
एक नोट था, जिसकी इवारत यों थी--
५१०] २० पले के ।
७, रु० बाद के ।
५] रु० आज के |
२२) रु० जोड़
इस हिसात्र से मैंने तुमसे कुल जमा रर) रुपये उधार लिये । कभी
देखा जायगा । रसीद लिख दी कि वकत ज़रूरत पर काम श्राये ।
घन्यवाद ।”
४
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