आलोचना इतिहास तथा सिद्धान्त | Alochana Itihas Tatha Sidhant
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
26.41 MB
कुल पष्ठ :
600
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषय-सुची
प्रथम खण्ड : इतिहास
प्रथम प्रकरण
प्राचीन श्रालोचना-काल का विभाजन --प्रुनानियों की श्रालोखनात्तक प्रतिमा--
यूनानी साहित्यिक श्रादशे--यूनानी आआदर्शों का हास--रोमीय साहित्य-सुजन की
प्ररेणा--प्राचीन युग का महत्त्व ३-१०
द्वितीय प्रकरण
श्रालोचना का आदिकाल--काब्य में प्रेरणा का महत्त--कंवि धर्म तथा काव्यादर्श
--प्रतीकवादी श्रालोचना-रैली का जन्म--कला-तत्वो का श्रनुसन्धान--कला तथा
प्रेरणा का महत्त्--व्यंजना का महत्त--काव्य की झन्तरात्मा का
माषण-शास्त्र का श्रध्ययन तथा गद्य की रूप-रेखा--निणुंयात्मक श्रालोचना-प्रणाली
का जन्म श्रौर विकास ११-२४
तृतीय प्रकरण
१: त्रफलातू
काव्य श्रौर कवि का मूल्याकन--साहित्य श्रीर समाज--निकृष्ट कलाकारों का बहि-
ष्कार--कला का वर्गीकरण तथा मूल तच्व--काव्य का वर्गीकरण तथा श्रन्य तत्व
--नाटक के तत्त्व - सुखान्तकी के मूल तत्त--भाषण-शास्न तथा गय-शैली का
विश्लेषणु--्रालोचना सिद्धान्त समीक्षा २५-३६
: २: अरस्तू
श्रालोचना-शैली -गीतकाव्य का विश्लेष्ण--काव्य का मूल खोत--क्रियात्मक
झलोचना-शैली का जन्म -शझनुकरण-सिद्धान्त का विवेचन - काव्यादश का विवेचन
काव्य तथा छन्द--दुः्खान्तकी का वेशञानिक विवेचन ; “भय? तथा कर्णा” का
- संचार--दुः्खान्तकी के शझन्य तत्व: कार्य, वस्तु तर कार्य--'वस्तु”-क्रम, तक,
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