मानव - शरीर - रहस्य भाग - २ | Manav -sharir - Rahasya Vol. - Ii
श्रेणी : आयुर्वेद / Ayurveda, स्वास्थ्य / Health

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Add Infomation About. Dr Mukund Swarup Verma
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9.28 MB
कुल पष्ठ :
430
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)वृक्त छोर उसका काये1 आंतरिक रचना--दइकक को यदि 'हम :फिसी तेज प्वाक्न से
लबाई, की झोर दो समान सागों में काट दें, तो 'उप्तकी झातरिक
रचना हमको दिखाहे देगी । यह बढ़ीं ही : विचित्र है । वस्तुत'
चुक बहुत वारोक नलियों का एक समृूद्द दै । ,ये नलियाँ एकत्रित
होकर एक विशेष रूप धारण कर लेती हैं । चूक के जो दो भाग
हैं, ने इन नल्ियों के सिन्न-सिन्न सागों से, बने हैं । यूक्क सें दो
भाग दिखाई देते हैं ; एक मध्यस्थ और दूखरा मांतस्थ । मध्यस्थ
भा! बोच में रहता है और उसका रंग गहरा बेंगनों होता है ।
प्रॉतस्थ भाग बाहर की शोर रहता है श्रौर, उसका रंग इलका
बेंगनी होता, है । किचित्र, ० १श८--वृक्क का लंबाई का परिच्छेदहू हदरा
टरलिप हर
कि रे मोथी 2 हर हर छर
। चित्र सें मीनारें श्र मूत्-नलिकाष्यों के भाग दिखाए हैं, जिनमें
होकर मुत्र मुख्य प्रयाल्ती में पहुँ चता. है 1२९७८च्कश्
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