सत्य संगीत | Satya Sangiit

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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¢ | सत्य संगीतপরযারারারারারপরঞটপারারারিররাারারার৫ এরর ০৯৬রাবারারেপাটি ৫৫০5 এপ = सक + , काः = किक ॐ गे = अ. त [कि अ 12. ` ¬ त 2 , त ৬ ০ 1 পচাত নাচাতে) তা ডগা ৬০ এত আপ পিক चायतेरए प्यारमेने चाहा तेरा प्यार इसीलिय तेरे चरणों को ढूँढ फिश संसार ॥ मेन ॥ मन्दिर, मसजिद, गिरजा घर में ब्रन, उपवनमें, डगर डगर में१}( प्‌फिरा, प्रा सका न लेकिन तेरा कहीं निशान । तो था सब जगह, मगर था मुझे न इतना ज्ञान |इससे हुआ न तेरा साथतरी पद-रज टगी न हाथ निज-पर सुख कुछ हाथ न आया, हुई जिन्दगी भार । मैंने चाहा तेरा प्यार ॥ ? ॥টিতে ননमेने चाहा तया प्यारछरोटाम। मे जन्तु ओर यह ह अनत समार ॥ मेन ॥ जगह जगह रदा हे तुझको पर, पथ का था ज्ञान न मुझकाचिहछा चिठा धका सवदा बजा वजा कर दात भी हसता रहा, न बोला-र्मातर जरा टरो तो भी रहा मान में चर ढोंगी, कुटिछ, काल सम क्रूरतरा झूठा नाम सुना कर चकित किया संसार ।मैंने चाहा तेरा प्यार ॥ २ ॥




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