रसीलै राज रा गीत | Raseelai Raj Ra Geet
श्रेणी : साहित्य / Literature

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Add Infomation AboutNarayan Singh Bhati
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
355
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)रसीलेराज रा गीतश्रानत रह उण सूरतडी री
रही तन मन मे छाय ৭
मत्री জঙ্গী सुकनी जोतसी
यार हाथ न च्पाय।३
उवौ कोई জী मिलावे सया
जो मारूडी देवे सिछाय ॥४राग -श्रासावरी
ताल - होरी रौम्हारी वाईजी रो काई छे हवाल
राजिद चाले छे चाकरी1
जे कोई वदले जावे वांढौ*
उवा नें दया मुलकर माल॥ १
वैरण हु रही छै या चाकरी
ज्यू सोक्डली रौ साल ॥२
कस्या कमर कितनीक वार राराखा दावण भाल ॥ ३
वह्यो वह्याँ जावे छे यो जियरी
साहब हाथ समा ॥ ४
राग ~ श्रसावरी
ताल - होरी रोमहारी मार्डों रमे छे सिकार
सधन वन भंगरा अलबेलियों ।
हाथ वदूक लपेटे जागो
कमर केसी तरवार ॥ १सईया। ग्वहालौ। ग्खवैनेम । *दियरौग ! कस्या ।
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