प्राचीन भारत का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास | Prachin Bharat Ka Rajnitik And Sanskritik Itiyash

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutHaridatt Vedalankar
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
27 MB
कुल पष्ठ :
749
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about हरिदत्त वेदालंकार - Haridatt Vedalankar
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)फलक-१
फलक-२
फलक-३দকफूलक-५
দনफलक-७
फलक-८
फलक-€फूलक-१०
फलक-११
फलक-१२
फलक-१३' चित्र-सूचीमाया का स्वप्न, मारहुत स्तृप, दूसरी श० ई० पु० पृ० ४५४जेतवन का दान, भारहुत स्तूप, दूमरी श० ई० पू०, पृ० ४५४बुद्ध की उपासना, मारहुत स्तूप, दूसरी श० ई० पू०, पृू० ४२४ इसमें बुद्ध
की मानवीय मूर्ति के स्थान पर उनको धर्मंचक्र के प्रतीक के रूप में अंकित
किया गया है।बुद्ध की उपासना, मारहुत स्तूप, दूसरी श० ई० पृ० ४५४ इसमें बुद्ध को
बोधि वृक्ष के प्रतीक के रूप में अकित किया गया है।साची का उत्तरी तोरण, दूसरी श० ई० पू०, प् ० ४६३महाराजाधिराज कनिष्क কী शीषटीन नामाकित प्रतिमा, पहली श० ई
पू०, मथुरा सम्रहाय, पूृ० ४६७अमरावती कै स्तूप का एक द्य, पु० ४८४नरगिरि नामक मत्त दाथी का दमन, अमरावती स्तूप, पृ० ५४८४-५
केनिष्क की घातु मजूषा, ब्रह्मा ओर गुक्र के माय प्रमामडल युक्त बुद्ध
पेशावर पहली श० ई०, प् ० ५०७बुद्ध का महापरितिर्वाण, गधार शैली लोरिया तगई, पृ० ५०६बोधिसत्व की खड़ी मूतिं, गधार शैल्ली, १० ५०६गधार शैली की बुद्ध की पद्मासनस्थ मूति, तस्ते बाही, प० ५०६क का गुहा बैत्यस्तुप तथा अलंकृत स्तम्भ, पृ० ४७५फलक-१४ भाजा गृहा का अलंकृत द्वारमुख, पृ० ४७६१
User Reviews
No Reviews | Add Yours...