आधुनिक संगीतज्ञ | Adhunik Sangitagya
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutRavindra Nath Parik
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
15 MB
कुल पष्ठ :
97
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about रविन्द्र नाथ पारीक - Ravindra Nath Parik
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)पण्डित ओंकार नाथ ठाकुरप॑ं० ओंकार नांथ ठाकुर संगीत के उन सिद्ध कलाकारों में से
हैं, जो अपने अनुपम गायन एवं संगीत साथना के लिए विदेशों
में भी ख्याति प्राप्त कर चुके है । शा
इनके गायन में जो सरसता,
मधुरता एवं आकषेण है वह
अन्यत्र नहीं ই।गत वषे पंडित जी अपनी
गायन कला के प्रदशेन के लिये
अफगानिस्तान के बादशाह द्राय
आमंत्रित किये गये थे। वहाँ पर
_ इनका अत्यधिक सम्मान कियागया और इन्हें वहाँ की सर्वोच्चकलाकार श्च उपाधि सौसीक॑
भी प्रदान की गई ।पं० ओंकार नाथ जी का जन्म
'काठियाबाड़ में हुआ था । इनके
पिता श्री गौरीशंकर, इश्वर के. १० ओंकार नाथ ठाकुर
. अनन्य मक्त थे | अतः इनका लालन पालन ऐसे वातावरण में हुआ,
जहाँ इन्हें प्रातः काल से रात्रि तक इंश्व॒रो पासना में सुन्दरर सुन्द भजन
सुनने को मिलते थे । फलतः पंडित जो की अभिरुचि भजनों की.
ओर वाल्यावस्था से ही आकर्षित हो गद्े थी। आजकल पंडित जी
भजनों के गाने में अद्वितीय समझे बाते हैं, जिसका मूल कारण
डनके परिवार का वातावरण है । द
User Reviews
No Reviews | Add Yours...