श्री दरियाव दर्शन | Shri Dariyav Darshan
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutShree Harinarayanji Shastri
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
330
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about श्री हरिनारायणजी शास्त्री - Shree Harinarayanji Shastri
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)४ सथ्यति ३६
रामनिवास सिर्घा
भूतपूर्व केन्द्रीय ग्रह राज्य मन््त्री व
उपसभापति राज्य सभा
मैं विगत १५ वर्षो से अखिल भारतीय रामस्नेही
सम्प्रदाय के रेण पीठ के वर्तमान पीठाचार्य श्री हरिनारायणजी
महाराज को बहुत ही निकट से जानता हू । आप उच्चकोटि के
নিষ্ভান है। आपका निरभिमान, निस्पृह, सादा जीवन, त्याग व
तपस्या कौ प्रतिमूति है! श्रापने अपने निष्कलक उदात्त चरित्र
एवं पाण्डित्य पूणं प्रवचनो से श्रत्यल्प समयमे ही रेणधाम
की चिर-लुप्त प्रतिष्ठा को राजस्थान के गाव-गांव, महाराष्ट,
मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश आदि प्रान्तो एव देश के
वम्वरई, कलकत्ता, मद्रास्त, श्रकोला, हैदरावाद, मैसूर श्रादि
विशाल नगरो में पुनः: प्रतिष्ठापित करने का जो महत्वपूर्ण
कार्य किया है, उससे रामस्नेही सम्प्रदाय आपका सदा ऋणी
रहेगा ।
मुझे स्वय आपके श्रीमुख से श्रापकी ओजमय मधुरवदाणी
में श्रीमद्भागवत' की कथा तथा श्री दरियावजी महाराज
की “वाणी” पर प्रवचन घुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। লী
User Reviews
No Reviews | Add Yours...