भजन - संग्रह भाग - ३ | Bhajan Sangarah Part - 3

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
256
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( १९ )भजन पृष्ठ-संख्या
जाश जाग जो सुमिरन करै ( नाम ) १३४
ज्यों त्यों राम नाम ही तारे (১১) ২২০तेरी गति किनहूँ न जानी हो. ( महिमा ) १३६
नेनों लख लैनी साई ( गुरु-महिमा ) १२५
बाबा काया नगर बसावों ( वेदान्त ) १२६
भया हरि रस पी मतवारा ( नाम ) १३२
मिकि गावो रे साधो यह् बत (3, ) १३३
मुकुट लटक अटकी मनमाहीं ( लीला ) १३५
सखी री आज आनंद देव बधाई (गुरु-महिमा ) १३३
सठ तजि नोव जगतरसेग राचो (नाम) १३१
साधो भोसागरके माहि ( चेतावनी ) १४१
साधो मन मायाके संग ( » ) १४२
सुमिर-सुमिर नर उतरो पार ( + ) १३९
हम बालक तुम माय हमारी ( प्रार्थना ) १३७
हमरे ओषध नबि धनीका ( नाम ) १२८
हमारे गुरु पूरन दातार ( गुरु-महिमा ) १२२
हमारे रुरु-बचननकी टेक ( 3; ) १२४
हरि हर जप लेनी ( चेतावनी ) १४३
इरि बिनु तेरो ना ছিল ( 9) ) १७४
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