अब्दुस सलाम | ABDUS SALAAM

ABDUS SALAAM by अरविन्द गुप्ता - Arvind Guptaमैरी जोसफ़ -MARY JOSEPH

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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ईश्वर हमेशा ध्यान रखता हे ओर इस तरह अब्दुस अपनी पत्नी और बेटी के साथ केम्ब्रिज चले गये । अब्दुस एक लोकप्रिय अध्यापक थे । यह भौतिक विज्ञान के प्रति उनके मोह के कारण ही नहीं था जो ईश्वर की स्पष्टि के छिपे हुए रहस्यों को उद्धारित करता है, वरन्‌ उसके नग्न व्यवहार के कारण था। अब्दुस सलाम ने यह कभी नहीं सोचा था कि वह महान हैं। उनका मानना था कि विज्ञान के क्षेत्र में किसी भी खोज या अनुसंधान की सफलता का श्रेय केवल एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता | केम्ब्रिज में विद्यार्थियों को अपनी इच्छानुसार अध्यापकों का चयन करने की सुविधा थी । लगभग दो-तिहाई विद्यार्थी अब्दुस की कक्षा में पढ़ना पसन्द करते थे | उनका व्यवहार आपस में सहयोग का रहता था। वह भौतिक-विज्ञान की 32 ४ 6४ [मई हे | 1 ही 1 [ 126 ///:५ र्नििः हू य । हा व 1 कद जि के डा | व कि [ | ऑ क्र भा ढ््ब र नि / / /////८ 227 है कक 00४ ष् 7 हूँ थे ५ ; (८ //(/ 1 न . // | 2 ///८ ही! हि 1 # 1 / 1711 / न / भर बा 7180 / 2 // हा जब है 11 हि 7. 4+ 1710 रह #“ | प्‌ ग हन |




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