मार्कण्डेय पुराण भाग - 2 | Markandey Puran Bhag - 2

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
516
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
जन्म:-
20 सितंबर 1911, आँवल खेड़ा , आगरा, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत (वर्तमान उत्तर प्रदेश, भारत)
मृत्यु :-
2 जून 1990 (आयु 78 वर्ष) , हरिद्वार, भारत
अन्य नाम :-
श्री राम मत, गुरुदेव, वेदमूर्ति, आचार्य, युग ऋषि, तपोनिष्ठ, गुरुजी
आचार्य श्रीराम शर्मा जी को अखिल विश्व गायत्री परिवार (AWGP) के संस्थापक और संरक्षक के रूप में जाना जाता है |
गृहनगर :- आंवल खेड़ा , आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत
पत्नी :- भगवती देवी शर्मा
श्रीराम शर्मा (20 सितंबर 1911– 2 जून 1990) एक समाज सुधारक, एक दार्शनिक, और "ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार" के संस्थापक थे, जिसका मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार, भारत में है। उन्हें गायत्री प
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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६६शुम्भ बंधदेवी-स्तोतर-समस्त दानवो के मारे जाने पर देवताओं द्वारा
देवी की स्तुत्तिदेवता प्रो का देवी का चरदान-देवी के चरित्र श्रवण करने भौर
देवी उपासना का महान माहात्म्यसुरथ झौर वैश्य को देवी का वरदानपाँच मन्वन्तर कथन-चार सावाश झौर पाँचवे रौच्य नामक
मन्चन्तरों के देवता मुनि झौर राजारुचि को वितरों का गाहंध्य उपदेश-प्रजापति रुचि का वैंराग्य
धारण और पितरो का उनको ग्रहस्थ का उपदेश ।रुचिक्ृत पुत्रस्तव-पत्वी को प्राप्ति के लिये रुचि का तप करना
ब्रह्मा जी की सम्मति से पितरो की स्तुति करनारूचि को पितरों का वरदान-पितरो का प्रकट होकर रुचि को
पत्नी झ्लोर रौच्य नामक मनु के जन्म का वरदान देना और
इस स्तोत्र की महिम। कथन करना |रोच्य मनु का जन्म-प्रम्लोचना की कन्या मालिनी से रुचि का
विवाह और रोच्य की उत्पत्तिभौत्य मन्वन्तर आरम्भ-भूति मुनि की पुत्र के लिए तपस्या-
शान्ति मुनि द्वारा अग्वि की स्तुतिसर्व मन्वन्तर श्रवण फल कथन--प्रगिति व प्रकट होकर शातिको वरदान देना और भूति मुनि से भौत्य नामक मनु की
उतत्ति 1राज दशानुकीतन-सृष्टि का झ्रारम्म और ब्रह्माजी द्वारा रचना
कार्य झारम्मबेदमय मातेंणरड को उत्पत्तिब्रह्कृत रवि स्तवकश्यप प्रजापति की सृष्टि-रेवासुर सम्राम का आरम्भ और
अदिति द्वारा भगवान भास्कर वी स्तुतिर्ण्र्२०६२१३
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