श्री दामचरितम | Shri Damachritam
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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
86
श्रेणी :
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बाबूलाल शुक्ल - Babulal Shukla
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मण्डन मिश्र - Mandana Mishra
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भशीदकथतल
सस्कृत नाट्य-साहित्य की विशाल मणिमाला में एक और अपूर्व तया अब-
तक अप्रकाशित “श्रीदामचरितम्” नामक नाठकमणि का सयोजन इस नाटक के
प्रकाशन से हो रहा है, यह सभी साहित्यानुरागियों के लिये आनन्द का विपय है।
प्रस्तुत नाटक के उद्धार का श्येय है-- मध्यप्रदेश के सस्क्ृत-साहित्यसेवी एव
अनेक दुर्लभ-ग्रन्थो के उद्धार तथा सुसम्पादन में तत्लीन विद्वद्ये प्रा० श्री बावूलालजी
शक्ल, शास्त्री, एम० ए०, साहित्याचायें को जिन्होने अतीव परिश्रम-पूर्वक उज्जैन
तथा पूना के प्रा७च्यग्रन्यसग्रहालयो से पाण्डुलिपिया श्राप्त करके उक्त नाठक का
समुचित सम्पादन किया हूँ ।
सस्क्रत-साहित्याकाश के देदीप्यमान नक्षत्र-स्वरूप महान् कवि, सफल नाटक-
कार एव भगवतीत्रिपुरसुन्दरी के परम उपासक श्रीसामराज दीक्षित की यह कृति
अपने विषय की विशिष्टता, नाट्यूणास्त्रीय लक्षणी के पूर्ण निर्वाह, अपूर्व कत्पना-
सीप्ठव, विशिष्ट एवं विचित्र घटनाक्रम, विविव भाषा-प्रयोग, अलकृत गद्य-पद्य
-विन्यास तथा छन्दर -प्रयोग- प्रावीण्प आदि के कारण नाटक-साहित्य में अपनी
स्वतन्त्र सत्ता स्थिर करती है | इसी दृष्टि से साम्प्रतिक समीक्षा-सरणि का साह-
जिक निर्वाह भी समुचित समझ कर हम कतिपय तथ्यो का परिशीलन प्रस्तुत कर
रहे है, विश्वास हैं, पाठकगण इसमे ग्रन्थकार एवं ग्रन्य की गरिमा का कछ
आभास पा सकेंगे ।
[7 प्रस्तुत नाटक के रचयिता “श्रीसामराज दीक्षित'
घगठा पा 4 आड्यिश 7. +
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