संगीतरघुनन्दनम् | Sangitaraghunandanam

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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1 (& न्‍त अप ० >0 0 *०११ श्र १३ १४ १२ १६ २१७ श्द१६.२० २१ श्र« सर्गात्मक समालोचना ... - कुछ और शब्द- विजयानुक्रण -विषय * प्रास्ताविक# कक ०4%७9मद्भलाचरण नाम प्रथम सर्ग. रासक्रीडासमारम्भो नाम द्वितीय” सगे: वसन्तरासवर्णान नाम तृतीय सर्गे जानवयन्तर्द्धनवर्णान नाम चतुर्थ: सर्ग कामवासन्तिकागमन ताम पद्चम. सर्ग:#-क-क» चारुणीलाकृतमनुनयनवरणन नाम षष्ठः सर्गे:जानकीसमागमो नाम सप्तम सर्ग: ०जानकी भूषशा विधान नामा5ष्टम सर्ग. ... दोलावर्ण न नाम नव्रम सर्ग. हरजानक्या सर्वाज्भजुशओभावर्णन नाम दशमः सर्ग जानकी रघुनन्दनयोर्गीतनृत्यवर्णाव नाम कादश सर्ग: विरहवर्णान नाम द्वादश सर्ग: कसरप्रादुर्भूत रघुतन्दनकतृ कसरयूवर्णन नाम त्रयोदश; सगे: सरयूतद्विहारवर्णन नाम चतुदश., सर्ग॑ ... सखीस्थितिनामसख्यावर्णान नाम पद्मनदश' सगेग्रन्थमा हा त्म्यवर्णनपूर्वकप्रणामादिविघान नाम पोडश सर्ग: परिशिष्ट १परिशिष्ट २ शुद्धिपत्र9७० इव्लकतन की,क्तक-कपत्रारिए ११२ १३-२७ र्प १-२४ रघत३० ३०-४० ४९-४८ ४६-५६ २७-६२ ६२३२-६७ ६८-७३ छडझ-पर ८२-६५ ६६-१०३ १०३-१११ १११-११७ ११७-११६ १२१०-१२ ३ १२४-१२७ १२८५-१३ १ १३१ १३२




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