संस्कृत वाड्मय कोश भाग 1 | Sanskrit Vandmay Kosh Bhag 1

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संस्कृत वाडइमय दर्शन अनुक्रमणिका श्रकरण- 1 (1) संस्कृत भाषा, (2) संस्कृत और एकात्मता, (3) संस्कृत की लिपि। 1-5 प्रकरण- 2 (1) वेदवाइमय (2) ऋग्वेद संहिता (3) वेद्काल (4) यजुर्वेद सहिता (5) सामबेद संहिता (6) आयों का मनगढ़न आक्रमण (7) वेदविषयक परंपरागत दृष्टिकोन (8) अधर्ववेद (9) आरण्यक वाड्मय (10) उपनिषद वाइमय । 6-27 भश्रकरण- 3 : वेदांग वाइमय (1) शिक्षा (2) कल्प अर्थात वैदिक कर्मकाण्ड (3) धर्मशाख्र (4) निरुक्त (5) प्रतिशाख्य (6) व्याकरण वाइमय की रूपरेखा (7) विविध व्याकरण सप्रदाय (8) पाणिनीय व्याकरण का विस्तार (9) पाणिनीयेतर व्याकरण ग्रंथ (10) घातुपाठ (11) उणादिसूत्र (12) परिभाषा (13) दार्शनिक वैयाकरण (14) छन्दःशास्त्र (15) सगीतशाख्र (16) ज्योतिर्विज्ञाम (17) आयुर्विज्ञान (18) शिल्पशाख्त्र 28-70 प्रकरण- 4 : पुराण-इतिहास (1) पुराण वाडइमय (2) पुराणोक्त धर्म (3) पुराणोक्त आख्यान (4) रामायण और महाभारत (5) रामकथा का विश्वसंचार (6) रामायणीय साहित्य (7) रामराज्य (6) रामायण का काल (9) महाभारत (10) साहित्य में महाभारत (11) महाभारत की विचार धारा (12) महाभारत साराश-आदिपर्व (13) सभापर्व (14) बनपर्व (15) बिराटपर्व (16) उद्योगपर्व (17) भीष्पपर्व (18) द्रोणपर्व (19) कर्णपर्व (20) शल्यपर्व (21) गदापर्व (22) सौप्तिक पर्व (23) शातिपर्व (24) अनुशासन पर्व (25) आश्वमेघिक पर्व (26) आश्रमवासिक पर्व (27) मौसलपर्व (28) महाप्रास्थानिक पर्व (29) स्वगणिहण पर्व (30) इतिहास विषयक अवांतर वाड्मय। 71-129 प्रकरण- 5 : न्याय-वैशेषिक दर्शन (1) न्याय दर्शन (2) नव्य न्याय (3) न्यायशाख्र का शेय (4) बौद्ध न्याय (5) जैन न्याय (6) वैशैषिक दर्शन (7) वैशेषिक परिभाषा । 130-138 प्रकरण- 6 : सांख्य-योग दर्शन : (1) साख्य दर्शन (2) तात्विक चर्चा (3) योगदर्शन (4), साख्य और योग (5) सयम (6) साधन पाद (7) विभूतिपाद (8) कैवल्यपाद (9) बौद्धयोग (10) हठयोग (11) भक्तियोग (12) कर्मयोग (13) ज्ञानयोग। 139-152 प्रकरण- 7 : तांत्रिक बाइमय (1) तांत्रिक वाइमय (2) तंत्रशास्र और वेद (3) उपनिषद्‌ और शक्ति साधना (4) तत्र और पुराण (5) तत्रशाख्र और बौद्धधर्म (6) तात्रिक सप्रदाय (7) तत्रशार्र के प्रमुख ग्रथकार (8) तात्रिक परिभाषा । 153-162 प्रकरण- 8 : मीमांसा और वेदान्त (1) मीमासा दर्शन (2) मीमासा दर्शन की रूपरेखा (3) मीमासा दर्शन के कुछ मौलिक सिद्धात (4) बेदान्त दर्शन (5) शाकरमत (6) विशिष्टाद्वैव मत (7) द्रैतवादी माध्वमत (8) द्वैताद्वैतवादी निंबार्क मत (9) तत्वसमन्वय (10) शैवदर्शन एवं सप्रदाय (11) शुद्धाद्वैतवादी वल्लभमत (12) अचिन्त्य भेदाभेदवादी चैतन्यमत 163-187 प्रकरण- 9 : जैन बौद्ध वाइमय - (1) जैन वाइमयं (2) जैन दार्शनिक वाडमय (3) जैन योगदर्शन (4) जैन काव्य (5) जैन स्तोत्रकाव्य (6) बौद्ध वाडूमय (7) धारणी सूत्र (8) दार्शनिक विचार (9) जातक तथा अवदान साहित्य । 188-206 प्रकरण- 10 : काव्यशास्त्र - (1) काव्यशाख्र (2) अलेकार-शात्त्र या साहित्य-शास्र (3) वक्रोक्ति संप्रदाय (4) रीति सप्रदाय (5) काव्यदोष (6) रस सिद्धान्त । 207-212 प्रकरण- 11 : नाट्यशास्त्र और साहित्य - (1) नाटकों का प्रारभ (2) नाट्यशाख्रीय प्रमुख अ्रंथ (3) नाट्यशास्तर का अतरग (4). वस्तुशोधन (5) नाट्यपात्र (6) नाट्य प्रवृत्तिता (7) अर्थसहायक (8) नाट्य रस (9) प्रमुख नाटककार (10) लाक्षणिक या प्रतीक नाटक (11) शमायणीय नाटक (12) कृष्णचरित्र (13) महाभारतीय नाटक (14) ऐतिहासिक नाटक (15) नाटकों का नाट्यशास्त्रीय वर्गीकरण (16) संस्कृत नाट्य का सार्वत्रिक प्रभाव (17) अर्वाचीन सस्कृत नाटक । 213-238 प्रकरण- 12 : ललित साहित्य - (1) ललित वाड्मय (2) महाकाव्य (3) कथाकाव्य (4) चम्पू वाइमय (5) गीतिकाव्य (6) दूतकाव्य (7) स्तोत्रकाप्य (8) सुभाषितसग्रह (9) कोश वाइ्सय (10) अर्व्धिन सस्कृत वाइमय (11) उपन्यास। ... 239-260 प्रकरण- 13 * अवधिन संस्कृत वाइपय 261-267 अंथकार परिचय- अकारादि अनुक्रमानुसार कुल श्रबिष्टियां 2715 268-495 पर्शिष्ट . 496 से आगे




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