दुर्गा पुष्पा ज्जलि: | Durga Pushpa Jjli

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Book Image : दुर्गा पुष्पा ज्जलि: - Durga Pushpa Jjli
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला में प्रकाशितकुछ विशिष्ट ग्रन्थसंस्क्ृत साहित्य ग्रन्थ-, प्रमाशमद्जरी-ताक्कि-बृढ़ामणि-सर्वेदेवाचार्य अणीत | तीन व्याख्याश्रों से तमलड्कृत । , यन्त्रराजरचना-जयपुरनरेश महाराज सवाई जयपिंह कारिता।» महपिकुलवेभवमृ-विद्यावाचस्पति स्व० श्रीमबुस्रृदन श्रोझा विरचित |« तकसंग्रह फक्किका-प० छमाकल्याणछत |. कारकसंबन्धोद्योत-प ० रमसनन्दिछृत ।, वृत्तिदीपिका-प० मौनिहृष्णमटकृत |, शब्द्र॒त्नप्रदीप-संक्षिप्त सस्कृत शब्दकोष |क्ृष्णुगीति-कविप्तोमनाध-छृत गीतिकाव्य ). शृद्भारहारावलि-हर्षकवि विरचित |« चक्रपाणिविजयमहाकाव्यमू-प०लक्ष्मीघर्सट्ट-रचित |, राजविनोद महाकाव्य-क्वि उदयराजविरचित |. नृत्तसंग्रह-नाव्यविषयक पठनीय अन्य |» चृत्यरन्नकोश ( अथस भाग )-महाराणा-कुम्मकर्ण-प्रणीत ।» उक्तिरल्ञाकर-पणिडित साधुसन्द्रगयीकहृत |« दुर्गापुष्पात्नलि-महामहोपाध्याग १० श्रीदुर्गाप्रसाद ह्िवेदी रचित )राजस्थानी मापा साहित्य ग्रन्थू-« कान्हडदे प्रवन्ध-कवि पश्मननास विरचित | « क्यामखां रासा-छस्लिम-कवि जानइझत ।३. लावारासा-चारणक्विया गोपालदानकृत |४. वांकीदासरी ख्यात-चारणकवि वॉकीदासरचित |




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