ओटक्कुषल् | Otakkushal

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Book Image : ओटक्कुषल्  - Otakkushal
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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घॉसुरीसीसा भाव से जीवित गीतों का यानेवालेलिया और काल की सीमाआ से निव व हैं महामहिमासय में जनमा था अवात-अपरिचितकही मिट्टी में पडे-पड़े नष्ट हो जाने के लिएकिल्तु तेरी वे मवशालिती दया नेमूझे बना दिया है बायुरीचराचर का आनन्दित करने वाली ।तूने अपनी सास की फूक सेउत्पन बार दी है ध्राणा वी सिंदरनइस नि.मार सोखली नती मेंभन का सगन कर देनेवालेअखिल विश्व वे' मनाते गायवा |तू ही ता है जा मेरे अन्दर गीत बनकर वसा है अन्यया क्या विश्तात थी इस वुच्छ जड वस्थु की किचित्‌ मां कर सकती राग-्मालाएइस अद्ार हर्पोत्तास से मरवर 1मन्द-हास का मतोरम नवल घबल पनप्रेम प्रवाट वी क्लकत मदर घ्वनिमानव बहार की उद्यम लहरा का उछात, अय्ुसितत नेत्रा व नोले कमल,दाय-दारिदय के दर्षावालीन मेंघा वी काली छामा, सासारिक पाए दे मेंबर-जाप“न सब का साय लिये लिय वहती रहेंमेरे अ>र की सपीत-वल्लालिती बह सरिताहै प्रमु।ओटबककुबदर




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