चाँद | Chand

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Chand by महादेवी वर्मा - Mahadevi Verma

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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८ लेख (“चाचा ( कटद्दानी ) हज २४--छाया-पथ ब हे २५- जमीन और खेती को समस्या 3 २६--जाति-भसेद की कठिन समस्या केक २७--जानवरों के रह कि २5८--जान्दवी ( कहानी ) २६ -जापान का स्त्री ओर बाल-समाज ३०--जुन्हैया तें उ३ के बिप्वइ जा ( कहानी ) ३१-ट्रेन पर ( कह्दानी ) ३२--दक्षिण भारतीय नायर समाज कौ विशेषताए कप ३३--दलितों में वेवादिक मा ः यों का परिणाम ३४-“दीप्ति* ( कद्दानी ) ५०० ३४५--दुबे जी की चिट्ठी ट का ३६--देद्दात की स्त्रियों में अन्धविश्वास ५ ३७--न जाने क्‍्यों।? ( गद्य-काव्य ) ३८--नेव-पल्लच «< ० ३६ - नारी और प्रतिकिया .. ४०-नारी जाति के श्रति मनु, कालिदास ओर तुलसीदास हज ४१--नारी और समाज“... बडे ४२--पत्नियोँ जो घनोपाजन न करे! ५“... ४३--परदेशी ( गद्य काव्य ) ... ४४ -पहाड़ी जीवन के कुछ पहलू ४४--पशञ्चाब की कुछ सामाजिक विशेषताएं ४६--पञ्नाव को जाग्रत महिलाएं ४७---प्रगतिशील आसामी महिलाए ४वं---प्रतीक्षा ( कद्दानी ) ४६ - प्रमीला को कल्पना ह --प्राचीन भारतीय समाज की एक भलक ४१--पाठकों की लेखनी से > ४.२--घुरुषों के आनन्द ले ५ई--प्रैतात्मा ( कद्दानी ) हा ४४--प्रेम हे बज ४.४---बन्ञ देश पर एक दृष्टि # ४; ( है ) लेखक श्री० राजनाथ राय, एम ० ए०, बी० एस-सरी ० श्री० लक्ष्मण प्रसा ६ गाग्य, श्री० महेन्द्रकुमार, श्री० सरयूप्रसराद प्रेम पृष्ठ ४६ ३४४, डडप 8 १०४ श्री० रामकिशोर अग्रवाल, एम० ए० ३७७ श्री० ननन्‍्दगोपालसिंह सहगल ..« के २३३३ श्री ० कु वर राजेन्द्रसिंद . १७४. श्री ० जेनेन्द्रकुमार कि बह २४. श्रो० विष्णुदत्त शुक्क के ,.. 3८६ श्रीमती इजेशकुमारी लाल जी ... के श्ध्य श्री० भगवती प्रसाद बाजपेयो . ... ४६२ श्रीमती पी० जानकी देवी बैक । १४० श्री० ज्योतिप्रसाद मिश्र “निमल कल १३६४ श्रीमती निमला भित्रा ५०० ४७६ श्री ० (विजयानन्द दुबे २५०, ३४०, ४४४., ५.२४. श्रो० अरिन्दमसिंह बडे पे ४.३६ श्रो० तेजनारायण काक कान्ति! ५.४४ श्री० सागरप्रसाद राय, विशारद हक कुमारों कष्चनलता सब्बरधाल श्रो० शआरार० के ० हृदयेश्वर श्रो ० प्रेमनारायण अग्रवाल, एम्ू० एु० अकड श्रीमती दिनेशनन्दिनो न बर श्री० सत्यप्रसाद थपलियाल श्री० सन्‍्तराम, बी० ए०. ..« ४» ४ श्री ० मोहनर्िंद्द सेंगर बासाक पे श्री० शझ्डरलाल शर्मा “विजय श्रीमती निर्मला मित्रा हि कि श्री० जानकीवल्लभ शास्त्री श्री ० बाबूराम सकसेना, एम० ए०, ढडी० खिट्‌ रल २४६, ३४१, ४४२ ड४शूद ४८1१ ४४४३. २७३ ६६ २६ & ६ » ३६४. १६८ ३०४ श्ण्कश्‌ के १४ २४८, ३५३, ४३२, ४३० श्रो० सन्‍्तरास, बी० ए० न श्री ० इलाचन्द्र जोशो डे न श्री० इन्द्रनाथ आनन्द, एम्‌ «० 0० बा श्री० सतीशचन्द्र घोष लिन नल २७०




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