श्री कबीर दास परिचय | Shri Kabir Das Parichay

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Shri Kabir Das Parichay by रामस्वरूप दास - Ramswaroop Das

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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। , शुद दी श्रीकबीरपरिचय साखी, एकादश शब्द दो सद्ग्रन्थोंका सूचीपत्र वणन । ,पद्याह् । विषय । फ्याक। . वियय। छोड दो या _. दिहाक । | पद्याक् |... विषय |... परष्ठाझ| ३०. कहहिं कबीर सो ठग चीन्दे ३८ ' १. एक पाद बीची जो पादी, ४४२ ६. शब्द-सन्तो ! प्रेरक. सबको... ३९९, | “२२. दास कबीरके पाद बटोरत, ४४७ . .. चीगाई १ से २० तक है । ] |. ११. शब्द-हंसा परख शब्द० .. धध८ १०. बिना भगकी परी पुरातम. ४०४ चौपाई ९ से १६ तक है | ] ः २०. कहहिं कबीर परी कन खीदे १० ८. इन्द्रासन सुखासन लीन्दा. ४४३ : ७. शब्द-सन्तो ! शब्द न साथे. ४१ ₹ | १६. जिन्हे गुरु मिले तिन्ह० 5५९ '' [चौपाई १ से १८ तक है। _] | [सब चौपाई संख्या २०१ तक है ' &. मुसलेकी बेपीर साघना. .. ४१५. | ॥ टीकाकारकत ब्यन्त सद्गुरु स्तुति- |. र८. कहहिं कबीर कोई सन्त. घर तोरडा इ, साली 2 से शप तक है । ' ८. शब्द-सन्तो ! मुक्ति यही सब ४२१. ( १ सोरठा ) बन्दौंपद चय बार ४ ६० . [ चौपाई १ से १२ तक है। | | िलन « ६ न काम क्रोघको, ४२४ |. (२१ साखी) परया दस सम्ताप० . घर. इक मरे मरे डाक भाव कब. (२३ साखी) मत मतान्तर बोध ०. ४६२. दे शुब्द-सन्तों |! राम कहै० ४३० ( ३५. साखी है गुरुमक्ति करना, ७६३ ः ग्क .. ( चौपाई है से & तक है |]... | ८४७ साखी) पढ़िये गुनिये सन्त ! ४द्देड. . दे. गावे बचे सन्ध्या तर्पण, छ३३ | ( ४८ साखी सद्गुरुके गुण, ४६४ ; 6. कहहिं कबीर सुनो हो सन्त !. दे | (५५ साखी ) रामस्वरूप पारख ४६७४ १०. राब्द-सन्तो ! बीबी बड़ी. ४३६ ! ॥क॥ इति एकाददा दाब्द श्रन्थः . :[ चौपाई १ से सर तक है । ] . |... समाप्त ॥ दे॥कू॥ .. '......॥ के ॥ इति श्रीकबीरपरिचय साखी तथा एकादश दाब्द कि के दो सद्भ्न्थोका सूचीपत्र-- विषयाजुक्रमणिका एक गर खणन शी नर सम्पूर्णमू समा्तमू ॥ के ॥ ली का शीसदूगुरो अपणमस्तु !॥ कष॥ के के जून दे हद दर हर कि कफ “री 7, कर्क; मन्म् कद हाल बवादाएवसकटफलाबादर-(कन न... «दर कक + कर ज ः ४ रद ,फ री मे , सन लि मीन रे त रस य प्‌ न हें द कि नि, दें प्प ही पे हर है सि फिर हल विलय हि. मे ि * हज + + क्र दि + “मय ॥ क न की कर कह कल हे कै. कह ही का व धन तय वह की हे दर ः क . श्द ही . जकरं जग, ् ही द कि प के जि




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