धर्मभ्युदय महाकाव्य | 1903 Dharmabhuday Mahakavya (1941)

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
12 MB
कुल पष्ठ :
284
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)कंलकत्तानिवासी | ह
साधुचरित-मेहिवय श्रीमद् डालचन्दजी सिंधी उष्यस््ततिनिभि्त
प्रतिष्ठापित एवं प्रकाशित
2७ 8 जे
सिंघी जन ग्रन्थ माला
[ जैन भागम्रिक, दाशनिक, साहिलिक, ऐतिदासिक, वैज्ञानिक, कथाव्मक -इलादि विविधविषयगुरिफित;
प्राकृप, संस्कृत, अपअंश, आरचीनगूजेर - राजस्थानी आदि नानाभाषानिवद्ध; सावेजनीन 'घुरातन
चाद्यय तथा नूतन संशोधनाव्मक साहित्य प्रकाशिनी सर्वेश्रेष जैन अन्थावलि- ]
प्रतिष्ठाता
श्रीमद्-डालचन्दजी - सिंधीसत्पुत्र
ख० दानशील - साहिद्रसिक -संस्क्ृतिप्रिय
श्रीमद् बहाढुर सिंहजी सिंधी
30-59 0 हट
प्रधान सस्पादक तथा संचारूक
आचाये जिनविजय मुनि
(सस्मान्य नियामक-भारतीय विद्या भवत्न-वं व हे )
सर्वेप्रकार संरक्षक
श्री राजेन्द्र सिंहजी सिंधी वा श्री नरेन्द्र सिंहजी सिंघी
प्रकाशनकर्ता
सिंघी जेनशा ख शिक्षापी 5
भारतीय विद्या भवन, मुंबई
क्क्रन्ीीी जा //55::::3::::5::..--_-+++७«२२२२२२२२२२२०२००७-००२०३०७ न के,
प्रकाशक - जयन्तक्ृष्ण, ह. दवे, ऑनररी रजिट्टार, भारतीय विदा मवन, चौपाटी रोड, बंबई. ने, ७
सुदक-अरंभके १-८ फ़ामे, रामचंदर येपू शेडगे, निगेयसागर ओस, २६-२८ कोलमाट स्ट्रीट, बंबई
शेष संपूर्णप्रन्थ मुहक -- शा. शुलाबचंद देवचेद, महोदय प्रिंटिंग प्रेस, भावनगर (सौराष्ट् )
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