श्री सत्यार्थ सागर नवीन ग्रंथ | Shri Satyarth Sagar Navin Granth

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Book Image : श्री सत्यार्थ सागर नवीन ग्रंथ  - Shri Satyarth Sagar Navin Granth
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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३7 अथ सत्याव सागर छझुद्धा पत्र छख्यत ॥अगुद्ध शुद्ध पृष्ठ घुर॒ चूर द््‌ समझीत सर्माकत ६ पु पद डे तर तारों 19 दिधा दीपा ४ झुद्‌ मसुघ ४ चाणिस छयालिस ५ चार चाख द्‌ करनेकोी करनको ५ नहीआखे नहीभाखे ९ साल साठ हद जगा जग्ग छ्‌ होज. होजग. ८सांध ९, जीवकी जीवाकी ५ यात्रा प्रात १६४ पाईजी प्याईजी १३ !.. तीज १६३ लोय छोये १४ ग्रहा. भह १४1भगवान भगवत्ू १४ तिन्हंगुणं विन्हगुत्तीण १७ परिभोग २२ 1) मु कोई, २३ घुद्दी घुद्धीी. २७ करी कारी २८ ?) तत्थणं॑जेते २८ छ् फम्मोयस ” ! मणो ! कौपाछे कीघीछे २९ हे नसमारि ३०ज्यब्दां ३० पेहणीया ३० सत्व॑ ३१ प्र ३२, 0. नवद्सना ३४ बयसम ! धारणया ३६ कायस ! प्रधारणया ३६ अंत श्द्‌ सब्ब ३७ पीरस्स १९ दिवी १५ प्रभूण ४३ फुछेफक ४३ समझ्ावों ४५ है धर छ पिण._ ४७ झूठो ४८ सख्॒ १० किम ६५९ चुध्दी. ५९ |; ६१ आहारनी ११ करना ६१ शुध्दध दरे देहनो ६३ खातंछे. ६३ निरमे ६४४६ लनिद्या ,,६४पंक्ति 1२२5




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