बिखरे तिनके | Bikhre Tinke

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
118
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)डियरे दिनरे
है। बिल्लू अपने कामों का जो फस पाये सो पाये, मैं भला कया कर सशता
हैं । बाकी जो अभी छुटकन्नू ने झुद्दा है, उसे भी ध्यान में रखता 1
गुरसरन बाबू कैवल अपने जीवनोदे श्य की बिता कर रहे थे। उन्हें
और कोई बित्ता नही थी ।
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