शिक्षा निक्षेप पूर्व भाग | Shiksha Nikshep purav Bhag

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
130
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)शिक्षानिक्षिप | ( १५ )
अच्छा आचरण करने करने से दूसरा अच्छा
| उपदेश सुनने सुनाने से यह दोनों बड़ों को सदा-
| काल चाहिये॥ ४० ॥
राजा होय तो सब वस्तु अपनी हैं राजा से सब
| धर्म हैं राजा न होय तो कोई किसी की वरतु नहीं
| ठहरती है राजा के भय से सवे प्रजा अपनी मयों-
| दामें रहती है राजाविना कोई किसी को नहीं
| मानता है राजा की निंदा न करें राजनिंदा का
बहुत भारा पाप है छोक मे भी हान राजानदा से
| होती है॥ ४१ ॥
नोकर मालक की बुराई न करे क्योंकि उस
| के अन्न से शरीर पोषण होता है मालक की निंदा
| करनेवाले कृतघ्र कह लाते हैं माठकने जो काम
|| बताया हो उस को त्तन मन से कर दिखावें नौकर
1 को इंषों आल्स्य ओर लोभ ये तीनों नहीं चाहिये
|| इन से दूर होकर नोकरी करे स्वच्छता से रहने
॥ वाला दक्षता से सब काम करनेवाढा माठकप्र
| अनुरागी अहंभाव का त्यागी ऐसा नोकर मालक
अच्छे भाग्य से मिलता है ॥ ४२॥
नोकर में अजुरागीपना क्या है मालक की
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