चंद हसीनो के खुतूत | Chand Hasino Ke Khutut

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Chand Hasino Ke Khutut by बेचन पाण्डेय - Bechan Pandey

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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पड .ध. | प्रियतम, दमलोगोंकी प्रतिज्ञा है दि, हम विवादने पूर्व एक दूसरेसे जुरूर सठाह लेगे। इस समय... तुम्हारी सख्त जरूरत है। चन पड़े दो दो-चार दिनोंक्ि कम लिये यहाँ चढ़े आओ । मेरी रक्षा करो। उुभ्े सीधे राश्तेपर कर दो ।. बताओ, इस समय मेरा कत्त व्य क्या है ? मैं, सुललमान-दुदटिता सुल्द्री नगिस- को हृदयेश्वरी बना सुका हं। अब कया करू ! पिठाजीकों इस समाचास्से कैखो अवगत करू ! इसका उनपर कया प्रभाव पड़ेगा १ यदि तुम न आाखको ते चिश्तुत उत्तर देना। एक-एक बातका, हर एक एहलूसे | यदि कलकत्ता आया तो' घरप” छोड़नैकों तैयार होकर आना । क्योंकि ; मैने 'सुललंपानिन' को चूमा है और लुम्हें सुभे चूसना दोगा । तुम्हारां,.. हरूचलमें पड़ा-- मुरारीकृष्ण है (्ठ्




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