न्याय-भाष्य का भाषानुवाद | Nyay - Bhashye ka Bhashanuvad

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
14.17 MB
कुल पष्ठ :
464
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)न्याय सूर्ी की -अकारादि सूचीसूत्र प्रतीक पूध्
नोत्पत्ति ततकारणापठू० ३४२
नोसपतलिनिमित्वान्सा० ... ३१७
नोत्पत्ति विनाशकारणों. २०७
नोत्पातति विनाशकारणों. ३४१९
नोष्णशीतवषकाठनि०... २३२
न्यूनसमाधिकापलब्घेट १८९
पसमतविववि्ायादिर झ्र्द
पशादिपुप्रबोधसंमीलन० २०१
परदचादावारम्भनिवुत्ति० २८४
पर वा जुठः ३८१
परिशेषपाद्यथोक्रदेतू० २९८
परिपतुप्रतिव/दिश्यां०.... ४३१
पदचातसिंद्धो न प्रमाणभ्य० ११०
पाणिनिमित्तप्रदेठ पा ९४
पान्चयान्ताजुपपत्त * ३६६
पाधिवगुणान्तरोपठ० .. २३७
पुनरुत्पत्तिःपे त्यभावः हट.
पूरण प्रदादपारचाजुप० ... १४४
पूर्वछतफलाजुवन्धादू ३१६
पूवेकृत फलानुबन्ध-तू.. ३९५
' चूवेपूवेशुणोत्क्पी० _.... २६५
पूरवदिप्रमाणसिद्धोंन ११०
पूरवोभ्यस्तस्थत्यलुव० २३०
पूधक्त चाचयेचभ्यों० ३७७
चूथिव्यापस्तजोवायु छठ
पौचीपर्यायोगादमति० ४३१
असतादयादप्रात ० ४३०थे
सूत्र प्रतीक पूछ
प्रकृतिविषद्वी विकार० १९५९परृत्य नियमादू धमम० “ २०६
प्रणिधाननिवन्धाभ्यास० ६०१
प्रणिघानलिड्लादिशानाना० २८८.
प्रतिश्नांदद्दादरणें।पनय० ६४कि व कै,प्रतिशाताधेप्रतिपेघे० ४२७
प्रतिशाहानिःप्रतिश्ाता० . ४३६
प्रतिज्ञांदइत्वो विंरी घः ४२८
प्रतिद ्रान्तघर्माभ्य० ४२७
प्रतिद्रान्तदेवुत्वच ० ०७
प्रतिद्न्द्विसिद्धेगपाकजा०. ३१०
प्रतिपक्षहीनमधिवा ० ३९८
प्रति पक्षाद्प्रकरणसिद्धे:* , ४१०
प्रतिषेंघविप्रतिपेध ० छर३
प्रतिपेघसदापमभ्युपत्य० ४३३
प्रतिपंघाजुपपत्ते। प्रति? ४११
प्रतिपेघाधामाण्यंचाने० '. १७४
घ्रतिषिधपिसमानोदोपः.. ४२२३
श्रतिधेध्यसित्यमन्ति9 ४२०
प्रत्य्षनिमित्तत्वाध० श्र्८
प्रत्यक्षमघुमानमेंक० रैटेर
प्रत्यक्षलक्षणाजुपप० शरद
घत्यक्षादी नामप्रा » १०ग्रत्यक्षानुमानों पमान ० न्०प्रत्यक्षेणाप्रत्यझषसिद्धें० .. १५४
प्रदीपाचिः सम्तत्यभि० . दे०<
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