संत वाणी | Sant Wadi

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
50.22 MB
कुल पष्ठ :
878
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(२ )सतपर मार;
मारनेवाछेकी
सेवा
२१-२२-संतका स्वभाव---
मान-घनकी तुच्छता ७०५
( १ ) मानकी तुन्छता
( २ ) घनकी तुन्छता
सादे चित्र
१-संतकी क्षमा * ुट
र-३-संतोका अक्रोध ४९
( १ ) तुकाराम
(२); एकनाथ
४-परदुःख-कातरता--
रन्तिदेवका त्याग ”'
५ से ७-महान् मनस्वी
(१) दिवि
(२) दधीचि
( रे ) हरिश्वन्द्र
८-९-सबमें भगवानके दर्शन २४०
( १ ) एकनाथका गधेमें
दिव-दर्दोन
( २ ) नामदेवकाकुत्तेमें नारायण-
दर्दनद्
१०-११-मय और अमय ”*” २४१
( १ ) बुद्धके वेराग्यमें
तीन. कारण
( २) मीराका विषपान
१२-भबकी राखि छेहु
भगवान१६०
“* २६१रेश१६१-देवर्षि नारद ***.. २६र२-मुनि श्रीसनत्कुमार ”*” ३१
३--महर्षि याज्ञवट्क्य स्क्ण झभ
४-ऋषिकुमार नचिकेता ३६
५-श्रीयमराज रे ३७
६-महर्षि अज्ञिरा *** ४१
७-महर्घि वदिष्ट ***
८-महर्षि पिप्पलाद ० . ५०
९-महर्षि विश्वामित्र *** ५१
१०-महर्षि गोतम ७५२
११-महषि दधीचि ***. पु(१५ )१३-मालिकका. दान-
कवीरपर भगवानकी
कपा कक 9 ३ श् 5१४-घधूलपर धूल--रॉका-
बॉकाका वैराग्य *** ३१७
१ ५से १७-भगवन्नामका प्रभाव ३६०
(१) उअजामिल
(२). गणिका
( ३) वात्मीकि
१८-१९-मद करत सो करत
मलाई नक ०
( १ ) जगाई-मधाई-
का उद्धार
(२) दरिदासपर
अत्याचार
२०-सुखमें विस्दति; दुःख-
में पूजा *** ४२०
२१-सफलतामें सत्कार;
असफलतामें दुत्कार ४२१
२२-२३-सतका सहज उपकारी
स्वभाव * 'इ४०
( १ ) चन्दन-कुठार
(२, सत-ब्रिच्छू
२४-२५-भक्तोंकी क्षमा *** ४४१
( १ ) प्रह्मादकी क्षमा
( २). अम्बरीपकी
ध्तमा
२६-भमजनका अधिकार *
२७-भजन बिनु वरेल बिराने५५१
संतोंके चित्र१२-महषि ढुवांसा **.... ५७रेद््१५५०३-महर्षि माकंण्डेय *. (९
१४-महर्षि शाण्डिव्य... ***. ६०
१५-महर्पि वाव्मीकि.... ”*”* ६१
१६-मह्दात्मा जडभरत . **”. ६३
१७-मदद्षि अगस्त्य स्स्ण् दुड
१८-भगवान् ऋषभदेव *”* ६५
१९-महर्षि पतज्ञलि ***. ७१
२०-भगवान् कपिलदेव *”*” ७३
२१-महर्पि शौनक “**. ७३
२२-महपि वेदव्यास ७५|
|भ२८-भजन धिनु
सकर जेसो ** ५६
२९से३ र-ग्रहस्य सतत... ***
( १ ) अत्रि-अनमूया
(२) मद्दारान जनम
( रे ) तुलाधार वैथ्य
(४). धर्मव्याथ
३ ३से ३६-विर्क्त संत *** ५७३
(१) महपि याज-
वट्क्य
(२, श्रीक्नूपभदेव
(३ ) श्रीयुकदेव
(४ ) श्रीदद्धराचार्य
३७-संतका मदत्त्य ( इसा-
को द्यूली ) ** ६७८
३८-संतकी महिमा
(मन्पूरको यूही ) ** ६७८
३९-महाप्रमुका ऊुप्ररोगीसेप्यार ** ६७१९
४०-गंधीजीद्वारा छुष्टरोगी-
की सेवा * ६७९७५८
७५९,४१-रोम-रोमसे राम **'४र-दरि सदा कोर्तनीय **
(क) ठृणादपि सुनीचन
(ख)नरोरिव सडिप्युना
(ग)अमानिना मानदेन
(घ) कीर्तनीय' सदा हरि!कुल--८ ४२३-मुनि डाकदेव ** 2४
२४-महर्पि जेमिनि स्स्ण्' डे
२५-मुनि सनत्सुजात *** टू
२६-महददर्पि मुद्रल कि *** ट८ठ
२७-महात्मा गोकण स्* रु२८-पुरागवक्ता सती२९-मनु महाराज श
३०-मक्तराज श्रव क
३ १-दडारणागतवत्सल दिवि ४
5 २-मभक्त राजा अम्प्रीप श्र
३३-सत्यमिष्ट राजा दर्धिन्द्र १०६
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