ज्योतिष विज्ञान | Jyotishh Vijnj-aan

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Jyotishh  Vijnj-aan by स्वामी श्री विशुध्दानंद जी - Swami Shri Vishudhdanand Ji

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१९२ १२६ व श्चक-घन-मकर -कुम्भ राशि गत प्रहण फलमू १९७ मीन राशि गत ग्रहण फलमू १२८ घनिष्ठा पंचक में निषेघ कम प्रह राशि प्रमाणमू १२६ दिन दशा ज्ञानमू १३० दिन दूशा चक्रमू समय फल दा प्रह्माः १३१ ग्ृहाणां राशिमध्ये पूवे फल प्रम।ण मू १३९ स्तशरीरे शनिवास फलम्‌ शनिवाददन विचार १३३ द्वितीय प्रकारण शनि फलमू १३४ तृतीय प्रकारेश शनिवादन १३४ मतान्तरम्‌ १३४५ शनेश्चरण विचार चंद्रमा वाददनमू १३६ सु फलम-गो च र-चं द्र-भोम -बुध फलम १३७ गुरु-शुक्र-शनिफलम्‌ १३८ राहु-केतुफलम्‌ सूय-चं द्र-भोमदानम्‌ १३६ बुध-गुरु-शुक्र-शनि-राइुदानमू १४० केतु दानम्‌ संक्राति प्रकरण म्‌ १४१ पुण्य समय १४२ सायनाकं संक्रांति संक्रांति मुहर्तास्तरफलब्ब १४३ शअब्दजिंशोपकाः संक्रांति स्थित्युपवेशन शयनादि १४४ संक्रांति वाइनानि १४४५ बस्त्रा णि शस्त्राणि भचयाणि विलेपनानि १४६ जातय पुष्पाणि. श्राभरणानि वयांसि १४७४ भौमवती अमावस्या कपिलापछ्ी पर्वयोगः




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