आर्ष - ग्रन्थावलि बृहदारण्यक उपनिषद् | Aarsha - Brahdaranyak Upanishad

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
शेयर जरूर करें
Aarsha - Brahdaranyak Upanishad by पं राजाराम प्रोफ़ेसर - Pt. Rajaram Profesar
लेखक :
पुस्तक का साइज़ : 9.14 MB
कुल पृष्ठ : 336
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है | श्रेणी सुझाएँ


यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटी है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं |

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

पं राजाराम प्रोफ़ेसर - Pt. Rajaram Profesar

पं राजाराम प्रोफ़ेसर - Pt. Rajaram Profesar के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश (देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
पहला अन्याय क# पढ़ा नाह्मण 1 ( अब अचवतराण का-रसूचा भाविष्क यज्ञ मे कचरा रूपा अचवन का चणन 1 आओइस्‌ । उषा वा अश्वस्य मेध्यश्य शिरः सखूय श्रन्नवातः प्राणो व्यात्तमर्थिवेंश्वानरः संवत्सर आत्मा उस्वस्य मेध्यस्य । योः एष्ठ मन्तारिक्ष सदर प्राधिवी पा- जस्यं दिशः पार्खे अंवान्तर-दिशः पशीव ऋतवों ध्ज्ा- नि मासाश्राध-मासाश्र पर्वाण्यहारात्राणि प्रतिष्ठा नक्षत्राण्यस्थीनि नभो मारसानि । ऊव्ध्य सिकताः _ सिन्धवों शदा यकृच छोमानश्व पवेतो ओषधघयश्र व- नस्पतयश्र छोमान्युय्‌ प्रवोर्षों निम्लोचझघनार्घो यदू विजूम्सते तढ़ विद्योतते यद विध्ूजुते ततत स्तनय ति यन्मेह्ाति तद्वषेतिं वागेवास्य वाकऋ ॥ १ ः उपा धृ यज्ञ के योग्य घोड़े का सिर है सय्य आँख हें वालु माण हैं बैश्वानर अध्रि खुला ( सुंद ) है और बरस यज्ञ के योग्य घोड़े का दारीर है यो पीठ है अन्तारिक्ष पेट है प्रथिवी क% यह बारप्यक्कका तीसरा अध्याय है पर उ पानिपद्का पहल। हे 1 इस्त उपानिषद् में सान प्रच्हार के सक हैं पदला अध्याय सका दूसरा न्वाइाण स्का और तीसरा स्वण्ड का । इस्स पदले घ्नाइाण का नाम सश्वघ्नाइ्यण दे ॥ लि घूंड उबास्त्वह्द समय जब माफाश में छाली पड़ती है. हु चैश्बानर अशिस्टवद् जश्ि जो इरपक पदार्थ में फैला छुआ है मथीय समाएिरूप सदि ॥




  • User Reviews

    अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

    अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
    आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :